तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC-कोयंबटूर) अपने तकनीकी और प्रबंधकीय कर्मचारियों के कौशल को निखारने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक वाली बसों की दक्षता और सुरक्षा में सुधार करना है।

  • 180 कर्मचारियों को आधुनिक बस रखरखाव और 100 को इलेक्ट्रिक/बैटरी सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया।
  • बेड़े में 319 नई बसें जोड़ी गईं और 104 बसों का नवीनीकरण किया गया।
  • अशोक लेलैंड और इंडियन ऑयल जैसी दिग्गज कंपनियों का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।
  • राज्य सरकार से 92 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है।

तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC-कोयंबटूर लिमिटेड) ने अपनी परिचालन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक रणनीतिक पहल शुरू की है। निगम अब अपने तकनीकी और प्रबंधकीय कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, ताकि नई तकनीक वाली बसों का रखरखाव बेहतर ढंग से किया जा सके और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा प्रदान की जा सके।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रबंध निदेशक के. मोहम्मद नजर ने बताया कि इस वर्ष अब तक बेड़े में 319 नई बसें शामिल की गई हैं, जबकि 104 पुरानी बसों का पूरी तरह से नवीनीकरण (Refurbishment) किया गया है। यह कदम परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

प्रशिक्षण के विवरण पर चर्चा करते हुए एमडी ने बताया कि 180 कर्मचारियों को आधुनिक बस रखरखाव, 180 को ब्रेक रखरखाव और 100 श्रमिकों को इलेक्ट्रिक एवं बैटरी रखरखाव में प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा, अशोक लेलैंड के विशेषज्ञों द्वारा 180 कर्मचारियों को डीजल अनुकूलन (Diesel Optimisation) के बारे में संवेदनशील बनाया गया है, जिससे ईंधन की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में केवल नई बसें लाना पर्याप्त नहीं है; उनके रखरखाव के लिए कुशल जनशक्ति का होना अनिवार्य है। TNSTC का यह मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि तकनीकी अपग्रेड के साथ-साथ मानव संसाधन का भी विकास हो, जिससे बसों का 'डाउनटाइम' कम होगा और परिचालन लाभ बढ़ेगा।

परिवहन क्षेत्र में डिजिटल और इलेक्ट्रिक ट्रांजिशन के लिए कर्मचारियों का अपस्किलिंग होना अनिवार्य है, अन्यथा आधुनिक बुनियादी ढांचा बेकार हो जाता है।

आगामी योजनाओं के तहत, निगम अब एयर-कंडीशन्ड (AC) और CNG बसों के रखरखाव के लिए Rane Brake Lining, Webco Air System और Setco Clutch India के विशेषज्ञों की मदद लेगा। इसके साथ ही, ईंधन डिकेंटिंग सुरक्षा प्रक्रियाओं के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ साझेदारी की गई है।

वित्तीय और सामाजिक प्रभाव की बात करें तो, निगम को राज्य सरकार से 92 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली है। शहर के मार्गों पर संचालित 1,006 ट्रिप के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 10.30 लाख महिला यात्रियों को लाभ मिल रहा है, जो सामाजिक समावेश और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

क्या आप जानते हैं?: TNSTC-कोयंबटूर की शहर सेवाओं का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या प्रतिदिन 10 लाख से अधिक है, जो इसे क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में से एक बनाती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: TNSTC-कोयंबटूर ने किन कंपनियों के साथ साझेदारी की है?
उत्तर: निगम ने अशोक लेलैंड, इंडियन ऑयल, Rane Brake Lining, Webco Air System और Setco Clutch India जैसी कंपनियों के साथ तकनीकी प्रशिक्षण के लिए हाथ मिलाया है।

प्रश्न 2: नए बेड़े में कितनी बसें जोड़ी गई हैं?
उत्तर: इस वर्ष अब तक 319 नई बसें जोड़ी गई हैं और 104 बसों का नवीनीकरण किया गया है।