उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई है। इससे शहर की मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है और यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

  • कोलकाता, साल्ट लेक और हावड़ा के कई हिस्सों में भारी जलभराव।
  • हल्दिया में 134 मिमी की अधिकतम बारिश दर्ज की गई।
  • निम्न दबाव प्रणाली के कारण झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और उसके उपनगरों में सोमवार को प्रकृति का कहर देखने को मिला। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Low-Pressure System), जो तेजी से एक गहरे दबाव (Deep Depression) में बदल गया, ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। सुबह से शुरू हुई निरंतर बारिश ने न केवल सामान्य जनजीवन को बाधित किया, बल्कि कार्यालय समय के दौरान यातायात की स्थिति को गंभीर बना दिया।

अलीपुर क्षेत्रीय मौसम केंद्र के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह मौसम प्रणाली सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे कोलकाता के पास केंद्रित थी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में यह प्रणाली झारखंड और बिहार की दिशा में आगे बढ़ेगी, जिससे उन राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना है।

बारिश के आंकड़े और प्रभावित क्षेत्र

राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रही। पुरबा मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में सबसे अधिक 134 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, तटीय शहर दीघा में 113 मिमी और दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में 112 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

स्थानवर्षा (मिमी)
हल्दिया134
दीघा113
डायमंड हार्बर112

कोलकाता के भीतर सेंट्रल एवेन्यू, महात्मा गांधी रोड, थानातनिया, कॉलेज स्ट्रीट, एमहर्स्ट स्ट्रीट, पार्क सर्कस कनेक्टर और खिदिरपुर जैसे प्रमुख इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Kolkata's drainage infrastructure continues to struggle with high-intensity rainfall events despite urban planning efforts. The rapid intensification of low-pressure systems into depressions suggests a pattern of more volatile monsoon behavior, which puts immense pressure on the city's logistics and emergency services.

"The rapid transition of a low-pressure area into a deep depression over the Bay of Bengal often leads to concentrated rainfall bursts that overwhelm urban drainage systems within hours."

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पुरबा मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, पुरुलिया, हावड़ा, हुगली और बर्धमान के जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।

क्या आप जानते हैं?: कोलकाता का भौगोलिक ढांचा और इसकी पुरानी जल निकासी प्रणाली इसे मानसून के दौरान जलभराव के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाता है।

Frequently Asked Questions

1. कोलकाता में जलभराव का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव और अत्यधिक भारी बारिश है, जिससे शहर की जल निकासी क्षमता कम पड़ गई।

2. मौसम विभाग ने आगे के लिए क्या चेतावनी दी है?
IMD ने पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और बांकुरा में अत्यधिक भारी बारिश और अन्य कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।