राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नियुक्त नियामकों ने वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल को ट्रस्ट बैंक बनने की प्रारंभिक मंजूरी दे दी है, जिससे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली में नैतिकता और 'स्व-हित' (self-dealing) को लेकर विवाद छिड़ गया है।

  • वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल को ट्रस्ट बैंक बनने के लिए प्रारंभिक सशर्त मंजूरी मिली।
  • यह चार्टर कंपनी को अपने 4 अरब डॉलर के स्टेबलकॉइन USD1 के लिए बिचौलियों को हटाने की अनुमति देगा।
  • सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन सहित कई आलोचकों ने इसे हितों का गंभीर टकराव बताया है।
  • व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संपत्तियों का प्रबंधन स्वतंत्र संस्थाएं कर रही हैं।

वॉशिंगटन और वैश्विक वित्तीय हलकों में उस समय हलचल मच गई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियुक्त नियामकों ने वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल को ट्रस्ट बैंक बनने की प्रारंभिक मंजूरी दे दी। यह कंपनी ट्रंप और उनके बेटों द्वारा 2024 में शुरू की गई थी। हालांकि अंतिम मंजूरी कुछ शर्तों पर टिकी है, लेकिन इस कदम ने सत्ता और निजी वित्तीय लाभ के बीच की रेखा को धुंधला कर दिया है।

इस बैंकिंग चार्टर का रणनीतिक लाभ बहुत बड़ा है। हालांकि वर्ल्ड लिबर्टी पारंपरिक जमा (deposits) स्वीकार नहीं कर पाएगी और न ही ऋण (loans) दे पाएगी, लेकिन ट्रस्ट बैंक का दर्जा इसे बिचौलियों पर निर्भरता खत्म करने की सुविधा देगा। यह विशेष रूप से USD1 के लिए महत्वपूर्ण है, जो एक डॉलर-समर्थित स्टेबलकॉइन है और जिसका प्रचलन 4 अरब डॉलर से अधिक है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह स्थिति एक खतरनाक नियामक चक्र (regulatory loop) बनाती है। जब नियामक नियुक्त करने वाला व्यक्ति ही उस विनियमित संस्था का मुख्य लाभार्थी हो, तो वित्तीय प्रणाली के 'चेक एंड बैलेंस' कमजोर हो जाते हैं। यह केवल क्रिप्टो का मामला नहीं है, बल्कि यह एक मिसाल है कि कैसे एक राष्ट्रपति अपने परिवार की संपत्ति की निगरानी करने वाली संस्थाओं को ही नियंत्रित कर सकता है।

वर्ल्ड लिबर्टी से होने वाला मुनाफा पहले ही काफी अधिक रहा है। खुलासे के अनुसार, ट्रंप ने पिछले साल टोकन बिक्री से 526 मिलियन डॉलर से अधिक कमाए। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात के एक शाही परिवार के नेतृत्व वाले निवेशकों को इक्विटी बेचने से उन्हें लगभग 263 मिलियन डॉलर मिले। कंपनी का संचालन जैक विटकॉफ कर रहे हैं, जो ट्रंप के करीबी स्टीव विटकॉफ के बेटे हैं।

"यह अत्यंत जोखिम भरा है कि राष्ट्रपति और उनका परिवार एक तरफ सबसे महत्वपूर्ण विनियमित उद्योगों में भारी निवेश करें और दूसरी तरफ उनके पास नियामकों को नियुक्त करने या हटाने की शक्ति हो।"

डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने इसे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली का "सबसे बेशर्म स्व-हित कार्य" (brazen act of self-dealing) करार दिया है। वॉरेन और अन्य डेमोक्रेट्स अब एक ऐसा विधेयक लाने की योजना बना रहे हैं जो संघीय नियामकों को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाले बैंकों को मंजूरी देने से प्रतिबंधित करेगा।

दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने इन आलोचनाओं को खारिज कर दिया है। प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा कि ट्रंप की सभी निवेश होल्डिंग्स स्वतंत्र तृतीय-पक्ष वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रबंधित की जाती हैं, इसलिए हितों का कोई टकराव नहीं है। वर्ल्ड लिबर्टी के प्रवक्ता डेविड वाक्समैन का तर्क है कि कंपनी वास्तव में नियमन (regulation) की ओर बढ़ रही है ताकि भविष्य में भी इसकी निगरानी सुनिश्चित हो सके।

strong{क्या आप जानते हैं?:} एक 'ट्रस्ट बैंक' वाणिज्यिक बैंक से अलग होता है क्योंकि यह ऋण देने के बजाय मुख्य रूप से संपत्ति की कस्टडी और ट्रस्ट सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।
विशेषता वाणिज्यिक बैंक (Commercial Bank) वर्ल्ड लिबर्टी (ट्रस्ट बैंक)
जमा स्वीकार करना हाँ नहीं
ऋण देना हाँ नहीं
संपत्ति कस्टडी हाँ हाँ
स्टेबलकॉइन जारी करना दुर्लभ मुख्य कार्य

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल जनता से जमा राशि ले सकता है?
नहीं, ट्रस्ट बैंक के रूप में, वे पारंपरिक जमा स्वीकार करने या ऋण देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

प्रश्न 2: इसका 'क्लैरिटी एक्ट' (Clarity Act) कानून पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस विवाद के कारण क्लैरिटी एक्ट में देरी हो सकती है, क्योंकि डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि कानून पारित होने से पहले राष्ट्रपति अपने क्रिप्टो निवेशों से अलग हों।