पोल्लाची-वालपराई घाट रोड के पहले हेयरपिन मोड़ पर पर्यटकों को ले जा रही एक वैन के पलटने से चार बच्चों सहित 12 लोग घायल हो गए। रामनाथपुरम जिले के पंबन से आए ये पर्यटक चार दिवसीय यात्रा के बाद लौट रहे थे। पुलिस और बचाव दल ने घायलों को सुरक्षित निकालकर पोल्लाची के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया है।

  • पोल्लाची-वालपराई घाट मार्ग पर वैन पलटने से चार बच्चों सहित 12 पर्यटक घायल हो गए।
  • यह हादसा पहले हेयरपिन मोड़ पर उस समय हुआ जब पर्यटक चार दिनों की यात्रा के बाद वापस लौट रहे थे।
  • कादंबराई पुलिस और दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को पोल्लाची जिला अस्पताल पहुंचाया।

सोमवार शाम को कोयंबटूर जिले के पोल्लाची-वालपराई घाट मार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। रामनाथपुरम जिले के पर्यटकों को ले जा रही एक वैन पहले हेयरपिन मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में चार बच्चों सहित कुल 12 लोग घायल हो गए। घटना के समय वैन में कुल 19 यात्री सवार थे, जो वालपराई की खूबसूरत वादियों में चार दिनों की छुट्टी बिताकर वापस लौट रहे थे।

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा शाम करीब 5:45 बजे हुआ। वैन में रामनाथपुरम जिले के पंबन के 18 लोग और तूतुकुड़ी का एक व्यक्ति सवार था। जब वैन मुथुकुलथुर के रहने वाले 28 वर्षीय चालक शेख मोहम्मद के नियंत्रण से बाहर हो गई, तो वह पहले हेयरपिन मोड़ पर पलट गई। पुलिस को अंदेशा है कि घाट रोड की संकरी और घुमावदार सड़कों पर वाहन की तेज गति ही इस हादसे का मुख्य कारण थी।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही कादंबराई पुलिस स्टेशन और दमकल एवं बचाव सेवा के कर्मी तुरंत हरकत में आए। बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से वैन में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद पोल्लाची के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों की पहचान सामिनी (36), केमसिलिन (29), येगीथ रानी (58), सुसाई वियागुलम (62), संथिया मैरी (70), जॉन मेक्लोविन (45), केविन (51), अशोक कुमार (25) और तीन बच्चों के रूप में हुई है।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि वालपराई घाट मार्ग पर बढ़ते पर्यटन के साथ-साथ सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन भी बढ़ रहा है। पहाड़ी रास्तों पर तीखे मोड़ और ढलान ड्राइवरों के लिए बड़ी चुनौती पेश करते हैं। विशेष रूप से बाहरी क्षेत्रों से आने वाले चालकों को इन दुर्गम रास्तों पर वाहन चलाने का अनुभव नहीं होता, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और अधिक कड़ा करने की आवश्यकता है।

मापदंड17 अगस्त का हादसा17 अप्रैल का हादसा
स्थानपहला हेयरपिन मोड़, पोल्लाची-वालपराई मार्ग13वें से 9वें हेयरपिन मोड़ के बीच
हताहत12 घायल (4 बच्चों सहित), 0 मौत10 मौतें, 3 घायल
पर्यटकों का मूल स्थानरामनाथपुरम और तूतुकुड़ी, तमिलनाडुमलप्पुरम, केरल
प्राथमिक कारणमोड़ पर तेज गति और नियंत्रण खोनावाहन का सड़क से नीचे खाई में गिरना
"घाट सड़कों पर ड्राइविंग के लिए विशेष प्रशिक्षण और अत्यधिक धैर्य की आवश्यकता होती है; हेयरपिन मोड़ों पर मामूली लापरवाही या तेज गति जानलेवा साबित हो सकती है," एक वरिष्ठ परिवहन सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा।

कोयंबटूर जिला पुलिस ने इस दुर्घटना के बाद वालपराई घाट रोड के सभी 40 हेयरपिन मोड़ों पर निगरानी बढ़ा दी है। इसी साल 17 अप्रैल को केरल के मलप्पुरम जिले के 10 पर्यटकों की एक ऐसे ही हादसे में जान चली गई थी, जब उनकी वैन 13वें मोड़ से फिसलकर सीधे 9वें मोड़ पर गिर गई थी। पुलिस अब इन मोड़ों पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए नए सुरक्षा तंत्र विकसित कर रही है।

क्या आप जानते हैं?: वालपराई घाट मार्ग में कुल 40 हेयरपिन मोड़ हैं, जो इसे दक्षिण भारत के सबसे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों में से एक बनाते हैं।

Frequently Asked Questions

1. वालपराई घाट मार्ग पर वैन दुर्घटना का क्या कारण था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पहले हेयरपिन मोड़ पर वैन की तेज गति के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन पलट गया।

2. घायल यात्रियों को इलाज के लिए कहां ले जाया गया?
सभी 12 घायल यात्रियों को तुरंत सुरक्षित बचा लिया गया और पोल्लाची के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया।