विशाखापत्तनम के जिला कलेक्टर एम. अभिशिक्थ किशोर ने PGRS के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के स्थायी समाधान के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सीधे शिकायतकर्ताओं से बात कर फीडबैक लिया।
- कलेक्टर एम. अभिशिक्थ किशोर ने PGRS के तहत शिकायतों के स्थायी समाधान पर जोर दिया।
- पारदर्शिता के लिए शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बात कर फीडबैक लिया गया।
- TIDCO आवास, चिकित्सा और पंजीकरण सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश।
विशाखापत्तनम के जिला कलेक्टर एम. अभिशिक्थ किशोर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में जन शिकायत निवारण प्रणाली (PGRS) की गहन समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि नागरिकों की समस्याओं का केवल कागजी समाधान न हो, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण और स्थायी राहत मिले।
समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने एक अनूठा दृष्टिकोण अपनाते हुए कई शिकायतकर्ताओं को सीधे फोन किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से यह जांचा कि क्या उनकी समस्याओं का वास्तव में समाधान हुआ है या अधिकारियों ने केवल फाइलों में मामला बंद कर दिया है। इसी क्रम में, उन्होंने ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) के अधिकारियों को एक महिला की हाउस साइट से जुड़ी शिकायत का तत्काल निपटारा करने का आदेश दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this direct-verification approach by the District Collector signals a shift toward 'outcome-based governance' rather than 'process-based reporting.' By bypassing official reports and speaking to citizens, the administration is creating a high-pressure environment for bureaucrats to deliver actual results.
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिकायतों के मूल कारण (root cause) की पहचान करें। उन्होंने पूर्व-ऑडिट और पश्चात-ऑडिट प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की बात कही ताकि एक बार हल हुई शिकायत दोबारा न खुले। साथ ही, उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों में सीधे प्राप्त याचिकाओं को भी PGRS पोर्टल पर अपलोड करें ताकि जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे।
"प्रशासनिक दक्षता तब तक अधूरी है जब तक कि अंतिम लाभार्थी संतुष्ट न हो; प्रत्यक्ष सत्यापन ही भ्रष्टाचार और लापरवाही को रोकने का एकमात्र तरीका है।"
आंकड़ों के अनुसार, कुल 291 याचिकाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 64 GVMC, 22 राजस्व विभाग और 20 पुलिस विभाग से संबंधित थीं। कलेक्टर ने विशेष रूप से TIDCO आवास, चिकित्सा सेवाओं और पंजीकरण सेवाओं से जुड़ी शिकायतों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
| विभाग | प्राप्त याचिकाओं की संख्या |
|---|---|
| GVMC | 64 |
| राजस्व विभाग | 22 |
| पुलिस विभाग | 20 |
| अन्य | 185 |
Frequently Asked Questions
1. PGRS क्या है?
PGRS (Public Grievance Redressal System) एक ऑनलाइन पोर्टल है जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं और उनके समाधान की निगरानी कर सकते हैं।
2. कलेक्टर ने GVMC को क्या निर्देश दिए?
कलेक्टर ने GVMC अधिकारियों को एक महिला की हाउस साइट से संबंधित शिकायत का तुरंत समाधान करने का आदेश दिया।