AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों द्वारा किए गए दूसरे पोस्टमार्टम ने पुष्टि की है कि ट्विशा शर्मा की मौत फांसी लगाकर आत्महत्या से हुई है। हालांकि, CBI की चार्जशीट में उनके पति और सास द्वारा किए गए मानसिक उत्पीड़न का चौंकाने वाला विवरण सामने आया है।

  • AIIMS दिल्ली मेडिकल बोर्ड ने पुष्टि की कि रिंग वाले जिम्नास्टिक बेल्ट से फांसी लगने के कारण दम घुटने से मौत हुई।
  • CBI ने शारीरिक हमले या हाथापाई की संभावना को खारिज कर दिया है।
  • चार्जशीट में अनियोजित गर्भावस्था और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
  • पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न का आरोप है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा शर्मा की मृत्यु के मामले में आधिकारिक तौर पर अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस रिपोर्ट ने मौत के कारण पर मुहर लगाते हुए घर के भीतर चल रहे एक जहरीले माहौल का खुलासा किया है। AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए दूसरे पोस्टमार्टम में यह पुष्टि हुई है कि ट्विशा की मृत्यु फांसी लगाकर आत्महत्या करने से हुई। जांच में पाया गया कि उन्होंने रिंग वाले जिम्नास्टिक बेल्ट का उपयोग किया था।

यह दूसरा पोस्टमार्टम इसलिए कराया गया था क्योंकि मृतका के परिवार ने पहले की रिपोर्ट में हेरफेर की आशंका जताई थी। AIIMS के निष्कर्ष स्पष्ट थे: शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं थी जिससे यह संकेत मिले कि 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाए जाने से पहले उनके साथ कोई मारपीट या हाथापाई हुई थी। इस चिकित्सा साक्ष्य ने अब कानूनी दिशा को 'हत्या' से हटाकर उन परिस्थितियों की ओर मोड़ दिया है जिन्होंने 33 वर्षीय महिला को यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला मेडिकल फॉरेंसिक और घरेलू मनोवैज्ञानिक युद्ध के बीच के जटिल संबंध को उजागर करता है। हालांकि मौत का शारीरिक कारण आत्महत्या है, लेकिन CBI द्वारा घटनाओं का विस्तृत पुनर्निर्माण एक 'धीमी त्रासदी' की ओर इशारा करता है। अब कानूनी लड़ाई 'वह कैसे मरी' से बदलकर 'उस मानसिक स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है' पर केंद्रित हो गई है।

जांच में पाया गया कि दिसंबर 2025 में शादी के बाद से ट्विशा को उनके पति समर्थ सिंह द्वारा निरंतर मानसिक क्रूरता का सामना करना पड़ा। CBI का दावा है कि समर्थ ने बार-बार उनका अपमान किया और उनके पिछले रिश्तों को लेकर भद्दे कमेंट्स किए। इसके अलावा, उनकी सास गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि वह समर्थ को उकसाती थीं और शिकायत करने पर उसे बचाती थीं, जिससे ट्विशा पूरी तरह अकेली पड़ गईं।

"CBI की चार्जशीट में शारीरिक सबूतों से मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग की ओर बदलाव यह दर्शाता है कि घरेलू विषाक्तता शारीरिक हिंसा जितनी ही घातक हो सकती है।"

विवाद का एक मुख्य बिंदु 16 अप्रैल को पता चली एक अनियोजित गर्भावस्था थी। चार्जशीट के अनुसार, ट्विशा ने इस दौरान भारी दबाव और प्रताड़ना महसूस की। अंततः उन्होंने गर्भावस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे उनके ससुराल वाले नाराज हो गए। इस तनाव के कारण उन्होंने मनोचिकित्सक की मदद ली, जहाँ उन्हें अत्यधिक चिंतित और तनावग्रस्त पाया गया। 12 मई को काउंसलिंग के प्रयासों के बावजूद, उनके रिश्ते सुधरने के बजाय और बिगड़ गए।

CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर CBI ने ट्विशा के अंतिम घंटों का पुनर्निर्माण किया है। अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले, उन्होंने अपनी ननद से बात करते हुए रोते हुए कहा था कि समर्थ आक्रामक हो गया है। घटनाओं का यह क्रम बताता है कि थेरेपी के माध्यम से वैवाहिक सुलह की अंतिम असफल कोशिश के बाद वह पूरी तरह से भावनात्मक रूप से टूट चुकी थीं।

क्या आप जानते हैं?: जटिल आपराधिक मामलों में, AIIMS जैसे प्रीमियर संस्थान द्वारा किया गया 'दूसरा पोस्टमार्टम' या मेडिकल बोर्ड रिव्यू, न्यायिक जांच को संतुष्ट करने के लिए मौत के कारण का एक निष्पक्ष और मानक सत्यापन प्रदान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या AIIMS की रिपोर्ट में हाथापाई के कोई संकेत मिले?
नहीं, AIIMS दिल्ली मेडिकल बोर्ड को हमले या हाथापाई का कोई संकेत नहीं मिला, जिससे यह पुष्टि हुई कि यह फांसी लगाकर की गई आत्महत्या थी।

2. पति और सास पर मुख्य आरोप क्या हैं?
उन पर व्यवस्थित मानसिक और मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न, ट्विशा के अतीत को लेकर अपमान करने और गर्भावस्था के मुद्दे पर दबाव डालने का आरोप है।