केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्नितला ने स्पष्ट किया है कि सरकार या पुलिस ने मेटा से फेसबुक पोस्ट हटाने का अनुरोध नहीं किया। साथ ही, उन्होंने पुलिस विभाग के लिए तीन अत्याधुनिक AI-आधारित सुरक्षा प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया।
- गृह मंत्री ने मेटा द्वारा समाचार पोस्ट हटाए जाने के आरोपों को खारिज किया।
- केरल पुलिस ने 'इंटीग्रेटेड बीट मैनेजमेंट', 'AI ट्रैक' और 'साइबर वॉल' लॉन्च किया।
- AI ट्रैक का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है।
- साइबर वॉल डिजिटल अरेस्ट और फिशिंग जैसे फ्रॉड को रोकने के लिए बनाया गया है।
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्नितला ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार या पुलिस बल ने मेटा (Meta) से फेसबुक पर मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन या कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार से संबंधित किसी भी समाचार पोस्ट को हटाने का अनुरोध नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पोस्ट हटाए गए हैं, तो यह मेटा का अपना निर्णय था और कंपनी को इसका कारण बताना चाहिए।
यह बयान तब आया जब सोशल मीडिया पर सरकार द्वारा सेंसरशिप के आरोप लग रहे थे। चेन्नितला ने जोर देकर कहा कि न तो आधिकारिक तौर पर और न ही अनौपचारिक रूप से पुलिस ने किसी भी 'न्यूज कार्ड' को हटाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने भी पहले ही इस बात की पुष्टि कर दी थी कि सरकार की ऐसी कोई मांग नहीं थी।
पुलिस आधुनिकीकरण के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स
इस घोषणा के साथ-साथ, गृह मंत्री ने केरल पुलिस के तीन प्रमुख तकनीकी प्रोजेक्ट्स का अनावरण किया। पहला, इंटीग्रेटेड बीट मैनेजमेंट सिस्टम, जो पुलिस स्टेशन बीट, हाईवे पेट्रोल और पिंक पुलिस जैसी विभिन्न सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करेगा, जिससे जनता को त्वरित सेवा मिल सकेगी।
दूसरा, AI ट्रैक सिस्टम है। यह प्रणाली पिछले कुछ वर्षों के सड़क दुर्घटना डेटा का विश्लेषण करती है ताकि 'डेंजर स्पॉट्स' (खतरनाक स्थानों) की पहचान की जा सके। यह न केवल दुर्घटनाओं को कम करेगा, बल्कि आम जनता को सुरक्षित मार्गों और ट्रैफिक की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी देगा।
तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण, साइबर वॉल है। यह एक AI-संचालित डिजिटल सुरक्षा कार्यक्रम है जिसे विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट', फिशिंग, ऑनलाइन भुगतान धोखाधड़ी और फर्जी कस्टमर केयर फ्रॉड को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Kerala is attempting to pivot from political controversy to a narrative of technological leadership in governance. By integrating AI into policing, the state aims to reduce human error in traffic management and create a robust shield against the rising tide of cybercrime in India.
"The integration of AI in beat management and cyber defense marks a paradigm shift in how state police forces interact with urban populations and digital threats."
प्रशासनिक मोर्चे पर, गृह मंत्री ने राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा राज्य पुलिस प्रमुख (SPC) रवाडा चंद्रशेखर को बुलाने पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है, हालांकि पुलिस सरकार के निर्देशों पर काम करती है, न कि राज्यपाल के।
Frequently Asked Questions
1. साइबर वॉल सिस्टम क्या है?
यह एक AI-आधारित सुरक्षा प्रणाली है जो डिजिटल अरेस्ट और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों को रोकने के लिए बनाई गई है।
2. AI ट्रैक सिस्टम कैसे काम करता है?
यह पिछले दुर्घटना डेटा का विश्लेषण कर खतरनाक रास्तों की पहचान करता है और यात्रियों को सुरक्षित मार्ग सुझाता है।