झारखंड सरकार द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद भी छात्र संतुष्ट नहीं हैं। CBI जांच की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करेंगे।

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा और ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया।
  • IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
  • छात्रों की मुख्य मांग केवल परीक्षा रद्द करना नहीं, बल्कि पूरे मामले की CBI जांच कराना है।
  • CID ने JSSC कार्यालय और सचिव सुधीर गुप्ता के आवास पर छापेमारी की है।

झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर पिछले 24 दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और उग्र हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की परीक्षा रद्द करने की घोषणा की, लेकिन JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

छात्रों का आरोप है कि सरकार केवल परीक्षा रद्द करके अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उनकी प्राथमिक मांग है कि इन अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जाए ताकि असली दोषियों का पता चल सके। मंच के नेता रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 20 अगस्त को लाखों छात्र मुख्यमंत्री आवास का ऐतिहासिक घेराव करेंगे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this crisis is not just about a single exam, but reflects a deep-rooted systemic failure in Jharkhand's recruitment process. The involvement of a blacklisted firm like TSR Data Processing Private Limited (TDPL) suggests a severe lapse in government oversight, which has now evolved into a political battleground involving the BJP and Congress.

"When students lose faith in the state's investigative machinery, the demand for a central agency like CBI becomes an inevitable outcome of governance failure."

इस बीच, झारखंड CID ने मामले में तेजी दिखाते हुए JSSC कार्यालय और सचिव सुधीर गुप्ता के घर पर छापेमारी की है। पूर्व JPSC सदस्य अजिता भट्टाचार्य के निजी सचिव बी.एन. राम की गिरफ्तारी और पूर्व अध्यक्ष एल. कियांगटे की न्यायिक हिरासत ने इस घोटाले की गहराई को उजागर किया है।

वहीं, इस विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। जिन उम्मीदवारों ने 2025 की JSSC-CGL परीक्षा पास कर ली थी और वर्तमान में सरकारी कर्मचारी हैं, उन्होंने परीक्षा रद्द करने के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कैबिनेट सचिवालय के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर यह मांग की कि व्यक्तिगत जांच की जाए, न कि पूरी परीक्षा को रद्द किया जाए।

क्या आप जानते हैं?: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन राज्य के सबसे लंबे समय तक चलने वाले छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है।

मांग बनाम सरकारी कार्रवाई

छात्रों की मांगसरकार का कदम
CBI जांच की मांगCID द्वारा छापेमारी और गिरफ्तारियां
भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाईपरीक्षा रद्द करना और सुधार समिति का गठन
पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाIAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी

Frequently Asked Questions

1. छात्र 20 अगस्त को क्या करने वाले हैं?
छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करेंगे यदि उनकी CBI जांच की मांगें पूरी नहीं होती हैं।

2. JSSC-CGL परीक्षा क्यों रद्द की गई?
ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने और अनियमितताओं के आरोपों के कारण इसे रद्द किया गया।