महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। इस नियम को लागू करने और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बुधवार को महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
- ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों के लिए मराठी का 'वर्किंग नॉलेज' अनिवार्य।
- नियम का उल्लंघन करने पर पहले नोटिस, फिर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई।
- महाराष्ट्र में लगभग 9.78 लाख वाणिज्यिक परमिट धारक इस नियम के दायरे में।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। इस नए नियम के कार्यान्वयन और प्रवर्तन तंत्र को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुधवार को आयोजित की जा रही है।
अगस्त 2026 में लागू किए गए 'महाराष्ट्र मोटर वाहन (तीसरा संशोधन) नियम' के तहत, अब सभी वाणिज्यिक यात्री वाहनों के ड्राइवरों को मराठी भाषा की बुनियादी समझ होना आवश्यक है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि ड्राइवरों की भाषा दक्षता का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा और यदि कोई ड्राइवर निर्धारित मानक को पूरा करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रवर्तन और दंड प्रक्रिया
प्रस्तावित प्रवर्तन योजना के अनुसार, जो ड्राइवर मराठी बोलने या समझने में असमर्थ पाए जाएंगे, उन्हें सबसे पहले एक आधिकारिक नोटिस जारी किया जाएगा। उन्हें भाषा सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। यदि इस अवधि के बाद भी सुधार नहीं होता है, तो ड्राइवर का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है।
RTO फ्लाइंग स्क्वाड और प्रवर्तन टीमों ने पहले ही ड्राइवरों के बुनियादी मराठी कौशल की जांच शुरू कर दी है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में लगभग 9.78 लाख वैध परमिट हैं, जिनमें से अकेले मुंबई महानगर क्षेत्र में 4.62 लाख परमिट शामिल हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल भाषाई गौरव को बढ़ावा देने के लिए है, बल्कि स्थानीय यात्रियों और ड्राइवरों के बीच संचार की बाधा को कम करने के लिए भी उठाया गया है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर ड्राइवरों को प्रशिक्षित करना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।
मराठी भाषा का ज्ञान स्थानीय संस्कृति और यात्रियों के साथ बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए एक अनिवार्य सेतु बनेगा।
सरकार ने ड्राइवरों की मदद के लिए 'हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे मराठी शिकवणी अभियान' भी शुरू किया है। हालांकि अब तक केवल 1.65 लाख ड्राइवर ही इस पहल में नामांकित हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कार्यान्वयन के दौरान प्रशिक्षण की मांग और बढ़ेगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यदि कोई ड्राइवर मराठी नहीं जानता तो क्या होगा?
उत्तर: पहले उसे एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। यदि वह नहीं सीख पाता, तो उसका लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।
प्रश्न 2: क्या यह नियम केवल मुंबई के लिए है?
उत्तर: नहीं, यह पूरे महाराष्ट्र राज्य के सभी वाणिज्यिक यात्री वाहनों के ड्राइवरों पर लागू होता है।