केरल हाईकोर्ट में सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म 'अतिमनोहरम' की शूटिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वन्यजीव संरक्षण नियमों और सरकारी आदेशों के कारण पेरियार टाइगर रिजर्व में व्यावसायिक फिल्मों की शूटिंग पर रोक लगाने की बात कही गई है।
- पेरियार टाइगर रिजर्व में व्यावसायिक फिल्म शूटिंग पर कानूनी प्रतिबंध।
- निर्देशक तरुण मूर्ति ने शूटिंग की अनुमति के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
- वन विभाग के अधिकारियों के बीच अनुमति को लेकर विरोधाभासी बयान।
- सबरीमाला मंदिर में केवल भक्ति फिल्मों की शूटिंग की अनुमति।
केरल उच्च न्यायालय में सोमवार को सुपरस्टार मोहनलाल की आगामी फिल्म 'अतिमनोहरम' की शूटिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत को बताया गया कि पेरियार टाइगर रिजर्व के भीतर फिल्म की शूटिंग की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि न्यायिक और सरकारी आदेश स्पष्ट रूप से वन्यजीव अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व के अंदर व्यावसायिक फिल्मों या टेलीविजन धारावाहिकों की शूटिंग पर रोक लगाते हैं।
यह मामला तब सामने आया जब फिल्म के निर्देशक तरुण मूर्ति ने कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की कि रन्नी के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर और पेरियार पश्चिम डिवीजन के डिप्टी डायरेक्टर उनकी शूटिंग के अनुरोध पर जल्द निर्णय लें। निर्देशक फिल्म की शूटिंग के लिए पम्बा और सन्निधानम जैसे स्थानों पर अनुमति चाहते थे।
सुनवाई के दौरान वन विभाग के भीतर ही मतभेद नजर आए। जहाँ डिप्टी डायरेक्टर ने तर्क दिया कि संबंधित क्षेत्र अभयारण्य का हिस्सा हैं और उनका कानूनी दर्जा अपरिवर्तित है, वहीं डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर ने अदालत को बताया कि 18 से 28 अगस्त की अवधि के दौरान कुछ विशिष्ट स्थानों पर निर्धारित शुल्क के भुगतान और समझौते के बाद शूटिंग की अनुमति दी जा सकती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन उद्योग के बीच के पुराने संघर्ष को दर्शाता है। जब उच्च-प्रोफाइल हस्तियां शामिल होती हैं, तो अक्सर नियमों में ढील देने का दबाव बढ़ता है, लेकिन टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
वन्यजीव क्षेत्रों में मानवीय हस्तक्षेप, चाहे वह फिल्म शूटिंग के लिए ही क्यों न हो, वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और आवास को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
इस बीच, केरल के देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि सबरीमाला मंदिर में नियमित व्यावसायिक फिल्मों की शूटिंग की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार, केवल भगवान अयप्पा से संबंधित भक्ति या पौराणिक फिल्मों को ही विशेष अनुमति दी जाती है।
अदालत ने दोनों अधिकारियों के विरोधाभासी रुख को दर्ज करने के बाद याचिका का निपटारा कर दिया। यह मामला अब प्रशासनिक स्तर पर सुलझने की प्रतीक्षा में है, लेकिन वन्यजीव कानूनों की सख्ती ने फिल्म निर्माताओं के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या टाइगर रिजर्व में शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है?
हाँ, सरकारी और न्यायिक आदेशों के अनुसार, वन्यजीव अभयारण्यों और टाइगर रिजर्व में व्यावसायिक फिल्मों की शूटिंग सामान्यतः प्रतिबंधित है।
सबरीमाला मंदिर में केवल भगवान अयप्पा से संबंधित भक्ति और पौराणिक फिल्मों की शूटिंग की अनुमति दी जाती है।