पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) ने सड़कों के गड्ढों की त्वरित मरम्मत के लिए 'स्मार्ट सारथी' ऐप के माध्यम से नागरिकों से शिकायत करने की अपील की है। हालांकि, निगम के आंकड़ों और स्थानीय निवासियों के दावों के बीच भारी अंतर देखा जा रहा है।

  • नागरिक अब 'स्मार्ट सारथी' ऐप के जरिए गड्ढों की फोटो और GPS लोकेशन भेज सकते हैं।
  • PCMC ने 2,247 गड्ढों की पहचान की, जिनमें से 1,733 की मरम्मत पूरी हो चुकी है।
  • स्थानीय निवासियों और उद्योग संघों ने निगम के आंकड़ों को वास्तविकता से कम बताया है।

महाराष्ट्र के औद्योगिक केंद्र पिंपरी-चिंचवड़ में मानसून के दौरान सड़कों की बदहाली एक गंभीर मुद्दा बन गई है। इस समस्या से निपटने के लिए, पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) ने अपने 'स्मार्ट सारथी' ऐप में एक विशेष 'रिपोर्ट पोथोल' (Report Pothole) सुविधा शुरू की है। नगर आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने सोमवार को घोषणा की कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना और मरम्मत कार्य में तेजी लाना है।

इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से, निवासी गड्ढे की एक तस्वीर, उसकी सटीक GPS लोकेशन, पता और अनुमानित आकार अपलोड कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद, संबंधित विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि यह प्रणाली जवाबदेही बढ़ाएगी और मरम्मत प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्मार्ट सिटी के दावों के बीच बुनियादी ढांचे की विफलता एक बड़ा विरोधाभास है। जब एक औद्योगिक शहर की सड़कों पर हजारों गड्ढे हों, तो केवल एक ऐप लॉन्च करना पर्याप्त नहीं है; यह प्रशासनिक विफलता को तकनीक के पीछे छिपाने का प्रयास भी हो सकता है।

"केवल गड्ढों को भरना समाधान नहीं है, बल्कि सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता में सुधार करना अनिवार्य है ताकि हर मानसून में यह दुःस्वप्न न दोहराया जाए।"

हालांकि, निगम के आधिकारिक आंकड़ों पर विवाद खड़ा हो गया है। PCMC ने दावा किया कि शहर में केवल 2,247 गड्ढे थे, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं और निवासियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। फोरम ऑफ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अभय भोर ने कहा कि अकेले पिंपरी-चिंचवड़-भोसरी MIDC क्षेत्र में ही 1,000 से अधिक गड्ढे हैं, जिससे निगम का कुल आंकड़ा बेहद कम प्रतीत होता है।

निगम द्वारा जारी वार्ड-वार विवरण के अनुसार, वार्ड 'E' में सबसे अधिक 459 गड्ढे पाए गए, जबकि वार्ड 'J' में सबसे कम 56। वर्तमान में, सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने कुल पहचान किए गए गड्ढों में से 1,733 को भरने का दावा किया है, और शेष कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

श्रेणी/वार्ड कुल गड्ढे (PCMC डेटा) मरम्मत किए गए
वार्ड E 459 330
वार्ड T 332 305
वार्ड D 234 215
शहरी परिवहन विभाग 240 133

नेहरू नगर के निवासी और अधिवक्ता सुशील मनचार्कर ने इस स्थिति पर क्षोभ व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि PCMC बेहतर और टिकाऊ सड़कें क्यों नहीं बना सकता, क्योंकि हर साल मानसून के बाद यही स्थिति होती है।

क्या आप जानते हैं?: भारत के कई शहरों में 'स्मार्ट सिटी मिशन' के तहत नागरिक शिकायत निवारण ऐप लागू किए गए हैं, लेकिन उनकी सफलता वास्तविक समय की मरम्मत दर (Turnaround Time) पर निर्भर करती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: स्मार्ट सारथी ऐप का उपयोग कैसे करें?
उपयोगकर्ता ऐप डाउनलोड कर 'Report Pothole' सेक्शन में जाकर फोटो, GPS लोकेशन और विवरण अपलोड कर सकते हैं।

प्रश्न 2: PCMC के अनुसार अब तक कितने गड्ढे भरे जा चुके हैं?
निगम के अनुसार, कुल 2,247 गड्ढों में से 1,733 की मरम्मत की जा चुकी है।