लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीन विषयों की UGC-NET परीक्षा रद्द होने पर केंद्र सरकार और NTA की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और सिस्टम की विफलता करार दिया है।
- UGC-NET के समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों की परीक्षा त्रुटियों के कारण रद्द की गई।
- राहुल गांधी ने NTA पर लापरवाही और पेपर लीक की संभावना का आरोप लगाया है।
- नई परीक्षाएं 9 और 10 सितंबर को आयोजित की जाएंगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला। यह विवाद तब गहराया जब NTA ने जून में आयोजित UGC-NET परीक्षाओं में से तीन प्रमुख विषयों—समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य—को रद्द करने का निर्णय लिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार एक निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच आयोजित की गई थीं, लेकिन लगभग दो महीने बाद उन्हें रद्द कर दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि हजारों उम्मीदवारों ने वर्षों तक तैयारी की, आवेदन शुल्क भरा और दूर-दराज के केंद्रों तक यात्रा की, लेकिन अब उन्हें सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "NTA गलती करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतते हैं।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि भारत की उच्च शिक्षा प्रवेश प्रणाली में गहरे संरचनात्मक संकट को दर्शाती है। जब देश की सबसे बड़ी परीक्षण एजेंसी बुनियादी तथ्यात्मक और व्याकरण संबंधी गलतियाँ करती है, तो यह लाखों युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और उनके करियर के प्रति सरकारी गंभीरता पर सवाल उठाता है। यह स्थिति प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति छात्रों के विश्वास को कम कर रही है।
राहुल गांधी ने केवल तकनीकी त्रुटियों पर ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक हुए थे? उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को पहला कदम बताते हुए मांग की कि NTA के शीर्ष नेतृत्व की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली को एक "एक्सट्रैक्शन मशीन" (निकालने वाली मशीन) बताया, जो छात्रों का पैसा, समय और आत्मविश्वास छीन लेती है लेकिन बदले में नौकरी नहीं देती।
"परीक्षाओं का बार-बार रद्द होना और उनमें गंभीर त्रुटियां मिलना यह संकेत है कि NTA की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।"
NTA ने स्वीकार किया है कि समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य के पेपरों में कई तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल और अनुवाद संबंधी त्रुटियां थीं। इसमें प्रसिद्ध विद्वानों के नामों की गलत वर्तनी, पुस्तकों के शीर्षकों में गड़बड़ी और पुराने प्रश्नों का दोहराव शामिल था। एजेंसी का कहना है कि त्रुटियों का स्तर इतना अधिक था कि केवल कुछ प्रश्नों को हटाने से काम नहीं चलेगा, इसलिए पूरी परीक्षा दोबारा कराना आवश्यक है।
| विवरण | पुरानी परीक्षा (जून) | नई परीक्षा (सितंबर) |
|---|---|---|
| स्थिति | रद्द (3 विषय) | पुनः आयोजित |
| मुख्य समस्या | तथ्यात्मक और व्याकरण त्रुटियां | त्रुटि-मुक्त पेपर का लक्ष्य |
| प्रभावित विषय | अंग्रेजी, वाणिज्य, समाजशास्त्र | वही तीन विषय |
Frequently Asked Questions
1. UGC-NET की परीक्षाएं किन विषयों के लिए रद्द की गईं?
NTA ने अंग्रेजी, वाणिज्य (Commerce) और समाजशास्त्र (Sociology) विषयों की परीक्षाओं को रद्द किया है।
इन तीन विषयों के लिए पुनः परीक्षाएं 9 और 10 सितंबर को निर्धारित की गई हैं।