अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चम्पत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीनचिट दे दी है।
- SIT ने चम्पत राय और अनिल मिश्रा को दान चोरी मामले में निर्दोष पाया।
- उत्तर प्रदेश सरकार की SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है।
- अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित नई SIT जांच जारी रखेगी।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े एक बड़े विवाद में राहत की खबर आई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चम्पत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को 'प्रणामी' (दान राशि) चोरी के मामले में क्लीनचिट दे दी है। जांच दल ने पाया कि वे इस कथित भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थे।
सूत्रों के अनुसार, SIT की अंतिम रिपोर्ट की समीक्षा राज्य के गृह विभाग द्वारा की गई है। सोमवार को यह रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई। रिपोर्ट के प्राप्त होने के बाद, ट्रस्ट अब इस मामले में अपने अगले कदम उठाने की योजना बना रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस मामले की संवेदनशीलता अत्यधिक है क्योंकि यह देश के सबसे पवित्र स्थलों में से एक के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ा है। चम्पत राय और अनिल मिश्रा ने घोटाले के सार्वजनिक होने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, जिससे ट्रस्ट की छवि पर गहरा प्रभाव पड़ा था।
यह क्लीनचिट ट्रस्ट के नेतृत्व के लिए एक बड़ी राहत है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही जांच अभी भी पूरी तरह से जवाबदेही तय करेगी।
गौरतलब है कि जून के महीने में राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान की चोरी का मामला सामने आया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए थे। SIT के नेतृत्व में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो दान गिनने के काम में लगे थे।
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ था कि पिछले दो वर्षों के दौरान करोड़ों रुपये की दान राशि गायब हुई है। जांच टीम को संदेह था कि मंदिर के कर्मचारियों और ट्रस्ट के कुछ अधिकारियों की इसमें संलिप्तता हो सकती है। हालांकि, वर्तमान SIT की रिपोर्ट ने चम्पत राय और अनिल मिश्रा को इस साजिश से मुक्त कर दिया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: चम्पत राय ने इस्तीफा क्यों दिया था?
उत्तर: दान राशि की चोरी का मामला सामने आने और जांच के दबाव के कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
प्रश्न 2: क्या जांच पूरी तरह समाप्त हो गई है?
उत्तर: नहीं, सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एक नई SIT गठित की गई है जो मामले की गहन जांच कर रही है।