केरल के कोल्लम रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों ने ओणम के त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुनियादी सुविधाओं की कमी और खतरनाक बुनियादी ढांचे के कारण यात्री भारी भ्रम और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
- कोल्लम स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य के कारण टिकट काउंटर और सूचना केंद्र अस्थायी रूप से स्थानांतरित किए गए हैं।
- दिशात्मक संकेतों (Signage) की कमी से नए यात्रियों को भारी भ्रम का सामना करना पड़ रहा है।
- सुरक्षा मानकों में कमी और खराब रोशनी के कारण यात्रियों के गिरने का खतरा बढ़ गया है।
- प्रोजेक्ट की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद काम की धीमी गति से यात्रियों में आक्रोश है।
केरल के कोल्लम रेलवे स्टेशन पर चल रहे व्यापक पुनर्विकास कार्यों ने त्योहारी सीजन, विशेष रूप से ओणम के दौरान यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। स्टेशन के पुराने प्रशासनिक ब्लॉकों को ध्वस्त करने के बाद, बुनियादी सुविधाएं जैसे टिकट काउंटर और स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें मुख्य प्रवेश द्वार पर एक अस्थायी सुविधा में स्थानांतरित कर दी गई हैं। हालांकि, पर्याप्त दिशात्मक संकेतों के अभाव में, पहली बार आने वाले यात्री स्टेशन परिसर में बुनियादी सेवाओं को खोजने के लिए भटकने को मजबूर हैं।
यात्रियों के लिए बढ़ती मुश्किलें
स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार से आने वाले यात्रियों के लिए स्थिति और भी गंभीर है। निर्माण कार्य के कारण माध्यमिक टिकट बूथ को ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए पूरे प्लेटफॉर्म को पार करके मुख्य प्रवेश द्वार तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कुंडारा के एक यात्री, एस. सुरेश ने बताया कि भारी सामान लेकर प्लेटफॉर्म के आर-पार जाना एक बड़ी शारीरिक चुनौती बन गया है।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक है। डिजिटल कोच-पॉजीशन इंडिकेटर बोर्ड की अनुपस्थिति में, यात्री अपने कोच का पता लगाने के लिए अंधेरे और कम रोशनी वाले प्लेटफॉर्मों पर इधर-उधर दौड़ने को मजबूर हैं। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन के पुनर्विकास प्रोजेक्ट की मूल समय सीमा पहले ही निकल चुकी है, और काम की धीमी गति को देखते हुए भविष्य की अनिश्चितता ने उनके तनाव को और बढ़ा दिया है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास के दौरान यात्री अनुभव और सुरक्षा को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। यदि अस्थायी व्यवस्थाओं को तुरंत सुधारा नहीं गया, तो त्योहारी भीड़ के दौरान यह अव्यवस्था किसी बड़ी आपदा का रूप ले सकती है।
सुविधाओं का स्थानांतरण तो कर दिया गया, लेकिन यात्रियों की सुगमता और सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों की अनदेखी करना प्रबंधन की बड़ी विफलता है।
यात्रियों ने यह भी बताया कि प्रतीक्षा कक्ष और शौचालय जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को बिना किसी उचित विकल्प के हटा दिया गया है। 'फ्रेंड्स ऑन रेल्स' नामक यात्री समूह के जे. लियोन्स ने सुझाव दिया कि दूसरे प्रवेश द्वार के पास स्वचालित टिकट मशीनें और डिस्प्ले बोर्ड लगाने से इस दबाव को तुरंत कम किया जा सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कोल्लम रेलवे स्टेशन केरल के महत्वपूर्ण रेलवे केंद्रों में से एक है, जो दक्षिणी रेलवे नेटवर्क का एक प्रमुख हिस्सा है। स्टेशन का आधुनिकीकरण यात्रियों की बढ़ती संख्या और आधुनिक सुविधाओं की मांग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान निर्माण चरण ने शहरी गतिशीलता के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कोल्लम स्टेशन पर यात्रियों को सबसे बड़ी समस्या क्या आ रही है?
उत्तर: मुख्य समस्या टिकट काउंटर की दूरी, दिशात्मक संकेतों की कमी और अंधेरे प्लेटफॉर्मों पर सुरक्षा का अभाव है।
प्रश्न 2: क्या स्टेशन पर कोई अस्थायी सुविधाएं उपलब्ध हैं?
उत्तर: हाँ, टिकट काउंटर और सूचना केंद्र मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं हैं।