कड्डालूर जिले के तिट्टकुडी में स्थित ऐतिहासिक वेलिंगटन जलाशय के पुनर्निर्माण कार्य में तेजी आई है। ₹130 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य जलाशय की सुरक्षा और सिंचाई क्षमता को अगले 100 वर्षों के लिए मजबूत करना है।

  • वेलिंगटन जलाशय के पुनरुद्धार के लिए ₹130 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
  • 60% से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और अगले तीन महीनों में काम खत्म होने की उम्मीद है।
  • यह जलाशय 63 गांवों के 9,737 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई करता है।
  • नई तकनीक का उपयोग करते हुए 11 फीट गहरी कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है।

तमिलनाडु के कड्डालूर जिले में स्थित ऐतिहासिक वेलिंगटन जलाशय के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण का कार्य अब युद्ध स्तर पर चल रहा है। 1923 में निर्मित यह जलाशय तिट्टकुडी और वृद्धचलम तालुकों के 63 गांवों के लिए जीवन रेखा है। जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा संचालित इस ₹130 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य जलाशय की संरचना को आधुनिक बनाना और भविष्य की आपदाओं से निपटना है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और चुनौतियां

कीलाचेरुवई गांव में स्थित यह जलाशय मूल रूप से वेल्लार नदी के बाढ़ के पानी को रोकने के लिए बनाया गया था। हालांकि, पिछले कई दशकों से जलाशय का तटबंध (bund) मिट्टी की प्रकृति और भूमिगत स्थितियों के कारण बार-बार क्षतिग्रस्त होता रहा है। 1996 में विश्व बैंक की सहायता से ₹5 करोड़ की मरम्मत की गई थी, और 2010 में ₹29.71 करोड़ खर्च किए गए थे, लेकिन मानसून के दौरान कटाव की समस्या बनी रही।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य नहर के किनारों का ढहना और नहर के भीतर वनस्पतियों का अत्यधिक विकास एक बड़ी समस्या बनकर उभरा था। इससे न केवल पानी का प्रवाह बाधित होता था, बल्कि सिंचाई के दौरान नहर टूटने से आसपास के खेतों में बाढ़ आ जाती थी और फसलों को भारी नुकसान होता था।

तकनीकी नवाचार और सुदृढ़ीकरण

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस बार सरकार ने केवल मरम्मत नहीं, बल्कि पूर्ण पुनरुद्धार का रास्ता चुना है। परियोजना के तहत 11 फीट की गहराई तक कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है और पानी के रिसाव को रोकने के लिए लिक्विड कंक्रीट का उपयोग किया जा रहा है।

नई तकनीक और 11 मीटर ऊंचे तटबंध का निर्माण इस जलाशय को अगले 100 वर्षों के लिए सुरक्षित बना देगा।

इसके अतिरिक्त, जलाशय के सरप्लस गेट्स को 3 मीटर से बढ़ाकर 8 मीटर किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक गेट से 32,000 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जा सके। जल निकासी चैनलों के साथ 900 मीटर लंबी कंक्रीट की दीवार भी बनाई जा रही है।

Why This Matters

यह परियोजना केवल एक बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं है, बल्कि यह हजारों किसानों की आजीविका का सवाल है। जलाशय की मजबूती सुनिश्चित होने से टेल-एंड (अंतिम छोर) के किसानों तक पानी की पहुंच सुगम होगी और बाढ़ के जोखिम में भारी कमी आएगी।

Did You Know?: वेलिंगटन जलाशय 1923 से ही 24,000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि को पानी पहुँचाने का काम कर रहा है।

Frequently Asked Questions

1. वेलिंगटन जलाशय का पुनरुद्धार कार्य कितने समय में पूरा होगा?
अधिकारियों के अनुसार, 60% से अधिक काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य अगले तीन महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।

2. इस परियोजना की कुल लागत क्या है?
इस संपूर्ण पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण परियोजना की कुल लागत ₹130 करोड़ है।