तमिलनाडु सरकार सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए ₹500 करोड़ प्रति वर्ष के बजट के साथ एक व्यापक सड़क सुरक्षा मिशन शुरू करने जा रही है। इस मिशन में अत्याधुनिक ANPR कैमरे और उन्नत आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं शामिल होंगी।
- सड़क सुरक्षा मिशन के लिए ₹500 करोड़ का वार्षिक बजट आवंटित किया जाएगा।
- सभी राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर गति और पंजीकरण पढ़ने वाले ANPR कैमरे लगाए जाएंगे।
- 25 सरकारी अस्पतालों को आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्रों में अपग्रेड किया जाएगा।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
तमिलनाडु के सार्वजनिक निर्माण और खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने मंगलवार को विधानसभा में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक व्यापक सड़क सुरक्षा मिशन शुरू किया जाएगा, जिसका वार्षिक बजट ₹500 करोड़ होगा। यह मिशन अगले छह से आठ महीनों के भीतर लागू होने की उम्मीद है।
मंत्री अर्जुन ने स्वीकार किया कि सड़क दुर्घटनाओं के मामले में तमिलनाडु वर्तमान में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, सरकार तकनीक का सहारा ले रही है। उन्होंने घोषणा की कि सभी राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे न केवल वाहनों के पंजीकरण नंबर को पढ़ सकेंगे, बल्कि उनकी गति की निगरानी भी करेंगे, जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
तकनीकी समाधान और केरल मॉडल
मंत्री ने केरल के सफल मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ओवर-स्पीडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को कैमरों के माध्यम से पकड़कर चालान जारी किए जाते हैं। इस प्रणाली ने केरल में घातक दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम करने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इस मिशन को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और चाहते हैं कि यह प्रणाली ड्राइवरों में सुरक्षित ड्राइविंग की आदत विकसित करे।
तकनीकी निगरानी और त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया का संयोजन ही सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को प्रभावी ढंग से कम कर सकता है।
आपातकालीन चिकित्सा और बुनियादी ढांचा
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि केवल निगरानी ही काफी नहीं है; दुर्घटना के बाद का समय (Golden Hour) जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए, कोरिडोर एक्सीडेंट रिस्पांस एंड इमरजेंसी कार्यक्रम के तहत 25 सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्रों में बदला जाएगा।
सरकार ने 25 दुर्घटना-प्रवण स्थानों (Accident-prone locations) की पहचान की है, जिन्हें इन उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और जीवन रक्षक उपकरणों से लैस एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने हेतु राजमार्ग विभाग के भीतर एक समर्पित भूमि अधिग्रहण विंग का भी गठन किया जाएगा।
Frequently Asked Questions
1. तमिलनाडु का सड़क सुरक्षा मिशन कब शुरू होगा?
यह मिशन अगले छह से आठ महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।
2. ANPR कैमरों का मुख्य लाभ क्या है?
ये कैमरे वाहनों की गति और उनके नंबर प्लेट को स्वचालित रूप से पढ़ सकते हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान आसान हो जाती है।