तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में एक सरकारी स्कूल के पानी के टैंक में क्लोरीन की अधिक मात्रा होने के कारण 21 छात्र बीमार पड़ गए। छात्रों ने पेट दर्द और गले में जलन की शिकायत की है।
- कोयंबटूर के अनजावेलमपट्टी स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में यह घटना हुई।
- डेंगू रोकथाम के लिए टैंक में क्लोरीन डाला गया था, लेकिन पानी कम होने से सांद्रता बढ़ गई।
- सभी 21 छात्रों की स्थिति अब स्थिर है और उनका उपचार किया जा रहा है।
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में स्थित पॉलाची के पास एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक सरकारी मिडिल स्कूल के 21 छात्रों को अत्यधिक क्लोरीन युक्त पानी पीने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को दोपहर के समय, छात्रों ने पेट में तेज दर्द और गले में जलन की शिकायत की, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों को सूचित किया।
प्रभावित बच्चों को तत्काल पॉलाची सरकारी अस्पताल ले जाया गया। आपातकालीन विभाग में प्राथमिक उपचार के बाद, बच्चों को बच्चों के वार्ड में भर्ती कराया गया। शिक्षकों की सतर्कता के कारण स्थिति को समय रहते संभाला जा सका, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना का मुख्य कारण
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, स्कूल परिसर में स्थित 60-लीटर के पीने के पानी के टैंक में डेंगू जैसी बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए क्लोरीन मिलाया गया था। हालांकि, एक बड़ी लापरवाही यह रही कि जब क्लोरीन डाला गया, तब टैंक में पानी का स्तर काफी कम था। इसके परिणामस्वरूप, पानी में क्लोरीन की सांद्रता (concentration) बहुत अधिक हो गई, जो छात्रों के सेवन के लिए असुरक्षित थी।
पानी के टैंकों में कीटाणुशोधन प्रक्रिया के दौरान पानी के स्तर और रसायनों के अनुपात का सटीक प्रबंधन न होना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है।
बोज़ोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia analysis)
बोज़ोकमीडिया विश्लेषण से पता चलता है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में स्वच्छता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन में भारी कमी है। डेंगू जैसी बीमारियों से निपटने के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक उपाय, यदि उचित निगरानी के बिना किए जाएं, तो वे स्वयं एक स्वास्थ्य संकट बन सकते हैं। यह घटना स्कूल प्रबंधन और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी को उजागर करती है।
पॉलाची के सांसद के. ईश्वरसामी ने बुधवार सुबह अस्पताल का दौरा किया और छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि सभी छात्र अब स्थिर स्थिति में हैं। सुरक्षा उपायों के रूप में, स्कूल के पानी के टैंक को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. छात्र बीमार क्यों हुए?
पानी के टैंक में क्लोरीन की मात्रा बहुत अधिक हो गई थी क्योंकि टैंक में पानी का स्तर कम था।
2. क्या छात्रों की हालत गंभीर है?
नहीं, सभी छात्र अब स्थिर हैं और अस्पताल में निगरानी में हैं।