कृष्णा भाग्या जल निगम लिमिटेड (KBJNL) ने विजयपुरा जिले में सिंचाई नहरों से अवैध रूप से पानी निकालने के 30 से अधिक मामले पकड़े हैं। मुलवाड सिंचाई परियोजना के तहत नहरों में छेद कर पाइप लगाकर पानी की चोरी की जा रही थी।

  • विजयपुरा के बाबलेश्वर तालुका में नहरों में 30 से अधिक स्थानों पर अवैध छेद पाए गए।
  • मुलवाड लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत मालगान वेस्ट नहर को निशाना बनाया गया।
  • अवैध रूप से 4 से 6 इंच चौड़े पाइप लगाकर पानी की चोरी की जा रही थी।
  • KBJNL ने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

विजयपुरा, कर्नाटक: कृष्णा भाग्या जल निगम लिमिटेड (KBJNL) के अधिकारियों ने विजयपुरा जिले में सिंचाई नहरों से पानी की अवैध चोरी का एक बड़ा मामला सामने लाया है। अधिकारियों ने पाया कि शरारती तत्वों ने फसलों की सिंचाई के लिए नहरों को नुकसान पहुँचाया और अवैध रूप से पानी निकाला है।

जांच के दौरान, बाबलेश्वर तालुका के अंतर्गत मुलवाड सिंचाई परियोजना की मालगान वेस्ट नहर के दोनों सिरों पर गंभीर क्षति पाई गई। किसानों की शिकायतों के बाद जब जांच की गई, तो पता चला कि 118.60 किमी लंबी इस नहर में पानी केवल 100 किमी तक ही पहुँच पा रहा था। इसका मुख्य कारण नहर में किए गए अवैध बदलाव थे।

नहरों में सेंधमारी का तरीका

जांच में खुलासा हुआ कि याक्कंडी, होक्कुंडी, अर्जुनगी और हेब्बलती जैसे गांवों में नहर में लगभग 30 अलग-अलग स्थानों पर छेद किए गए थे। इन छेदों में 4 इंच से 6 इंच चौड़े पाइप फिट किए गए थे ताकि बिना किसी रोक-टोक के पानी को खेतों तक पहुँचाया जा सके। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ किसानों ने, जिन्होंने पहले पानी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, स्वयं इन छेदों को करने में भूमिका निभाई है।

नहरों में बार-बार छेद करना सरकारी संसाधनों की भारी चोरी है, जिसे अब केवल मरम्मत से नहीं बल्कि कड़ी कानूनी कार्रवाई से ही रोका जा सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस प्रकार की पानी की चोरी न केवल सरकारी संसाधनों का नुकसान करती है, बल्कि नहर के अंतिम छोर पर स्थित गरीब किसानों को उनके हक से वंचित कर देती है। जब पानी बीच रास्ते में ही अवैध रूप से निकाल लिया जाता है, तो पूरी सिंचाई प्रणाली का संतुलन बिगड़ जाता है।

KBJNL के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र वाई. रुदागी ने बताया कि इससे पहले भी जब अधिकारियों ने सीमेंट कंक्रीट से इन छेदों को भरा था, तो शरारती तत्वों ने उन्हें फिर से खोद दिया। इसी कारण से, अब विभाग ने केवल मरम्मत करने के बजाय दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

Did You Know?: सिंचाई नहरों में अवैध रूप से पाइप लगाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे नहर की संरचनात्मक मजबूती भी कम हो जाती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पानी की कमी की शिकायत कहाँ से मिली थी?
उत्तर: स्थानीय किसानों ने शिकायत की थी कि 118.60 किमी लंबी नहर में पानी केवल 100 किमी तक ही पहुँच रहा है।

प्रश्न 2: KBJNL ने अब क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: अधिकारियों ने छेदों को बंद कर दिया है और अवैध रूप से पानी निकालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।