मंत्री ईश्वर खंडेरे ने वन मंत्री से दिग्गज हाथी अभिमन्यु को इस वर्ष की विजयदशमी शोभायात्रा में शामिल करने और उसे एक सम्मानजनक विदाई देने का आग्रह किया है।

  • दिग्गज हाथी अभिमन्यु, जिसने 25 वर्षों तक मिसुरु दशहरा में सेवा की, को सेवानिवृत्त किया जा रहा है।
  • मंत्री ईश्वर खंडेरे ने उसे 'निशान ए आणे' (ध्वज हाथी) के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।
  • अभिमन्यु ने अब तक 6 बार स्वर्ण हौदा (Golden Howdah) उठाया है।

मिसुरु के विश्व प्रसिद्ध दशहरा उत्सव के सबसे सम्मानित सदस्यों में से एक, दिग्गज हाथी अभिमन्यु, के भविष्य को लेकर एक भावुक बहस छिड़ गई है। 60 वर्षीय अभिमन्यु, जिसने पिछले ढाई दशकों से अधिक समय तक मिसुरु दशहरा की 'जम्बो स्क्वाड' का हिस्सा बनकर राज्य की परंपराओं को जीवित रखा है, को वन विभाग द्वारा इस वर्ष की ड्यूटी से हटा दिया गया है।

ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री ईश्वर खंडेरे ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए वन मंत्री रामलिंग रेड्डी को एक पत्र लिखा है। खंडेरे का तर्क है कि अभिमन्यु को अचानक उत्सवों से बाहर करने के बजाय, उसे एक सम्मानजनक और शाही विदाई दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अभिमन्यु को इस वर्ष की विजयदशमी शोभायात्रा में 'निशान ए आणे' (ध्वज हाथी) के रूप में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि जनता को अपने प्रिय दिग्गज को आखिरी बार देखने का मौका मिले।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मिसुरु दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान का एक अटूट हिस्सा है। यहाँ हाथी केवल जानवर नहीं, बल्कि परंपरा के रक्षक माने जाते हैं। अभिमन्यु जैसे हाथियों के साथ जनता का गहरा भावनात्मक लगाव होता है। उसे सेवानिवृत्त करने का निर्णय लाखों प्रशंसकों की भावनाओं को आहत कर सकता है।

अभिमन्यु का करियर असाधारण रहा है। नागरहोल के मथिकोडु हाथी शिविर से आए इस हाथी ने न केवल 6 बार 750 किलोग्राम का स्वर्ण हौदा उठाया, बल्कि 300 से अधिक हाथी पकड़ने के अभियानों और 80 से अधिक बाघ पकड़ने के अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उसकी बहादुरी और सेवा ने उसे राज्य के सबसे प्रसिद्ध हाथियों में से एक बना दिया है।

अभिमन्यु ने दशकों तक स्वर्ण हौदा उठाकर कर्नाटक की गरिमा को बनाए रखा है, उसे एक सम्मानजनक विदाई मिलना उसका अधिकार है।

मंत्री खंडेरे ने ऐतिहासिक उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने दिग्गज हाथियों अर्जुन और बलराम का उल्लेख किया, जिन्होंने 60 वर्ष की आयु के बाद भी दशहरा में भाग लिया था। अर्जुन ने 22 बार जम्बू सवारी में हिस्सा लिया था, जो यह साबित करता है कि अनुभव और गरिमा उम्र की मोहताज नहीं होती।

Did You Know?: मिसु़रु दशहरा की जम्बू सवारी में हाथी द्वारा उठाया जाने वाला स्वर्ण हौदा लगभग 750 किलोग्राम वजनी होता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: अभिमन्यु कौन है?
उत्तर: अभिमन्यु मिसु़रु दशहरा का एक दिग्गज हाथी है जिसने 25 वर्षों से अधिक समय तक स्वर्ण हौदा ढोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रश्न 2: मंत्री खंडेरे की क्या मांग है?
उत्तर: वे चाहते हैं कि अभिमन्यु को इस वर्ष की शोभायात्रा में 'निशान ए आणे' के रूप में शामिल कर एक शाही विदाई दी जाए।