जम्मू-कश्मीर में आगामी डिजिटल जनगणना 2027 के लिए आवश्यक उच्च-तकनीकी स्मार्टफोन की कमी के कारण जनगणना कर्मियों के बीच चिंता बढ़ गई है। मुख्य जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने डोडा में इस तकनीकी चुनौती के समाधान के लिए बैठक की अध्यक्षता की।
- डिजिटल जनगणना 2027 के लिए कम से कम 8 GB RAM और Android 13 वाले स्मार्टफोन अनिवार्य हैं।
- जम्मू-कश्मीर के बर्फीले इलाकों में तैनात कर्मियों के पास आवश्यक कॉन्फ़िगरेशन वाले फोन नहीं हैं।
- डोडा में जनगणना की तैयारी की समीक्षा करने के लिए मुख्य जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने बैठक बुलाई।
जम्मू-कश्मीर के बर्फीले क्षेत्रों में तैनात जनगणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों के पास आवश्यक तकनीकी कॉन्फ़िगरेशन वाले मोबाइल उपकरणों की कमी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। मुख्य जनगणना अधिकारी (CPCO) अमित शर्मा की अध्यक्षता में डोडा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा की गई। आगामी जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होने वाली है, जिसके लिए उच्च क्षमता वाले उपकरणों की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को गंभीर 'तकनीकी चुनौतियों' का सामना करना पड़ रहा है। नए नियमों के अनुसार, जनसंख्या गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले मोबाइल उपकरणों में कम से कम 8 GB RAM और Android 13 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम होना अनिवार्य है। वर्तमान में, कई कर्मचारी अपने व्यक्तिगत फोन का उपयोग कर रहे हैं जो इस मानक को पूरा नहीं करते हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में डेटा की सटीकता पूरी तरह से हार्डवेयर की क्षमता पर निर्भर है। यदि फील्ड कर्मियों के पास पर्याप्त रैम वाले फोन नहीं होंगे, तो भारी डेटा लोड के कारण ऐप क्रैश हो सकते हैं, जिससे देश के सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय डेटा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
सटीक जनगणना डेटा नीति नियोजन और सार्वजनिक सेवाओं के वितरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
यह महत्वपूर्ण है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना का कार्य देश के अन्य हिस्सों से पहले शुरू किया जा रहा है। डोडा जिले में जनसंख्या गणना का चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक चलेगा। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (RG&CCI) ने हाल ही में 40 प्रश्नों के एक सेट को अधिसूचित किया है, जिसमें 2011 की तुलना में 13 नए डेटा क्षेत्र जोड़े गए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में जनगणना का इतिहास दशकों पुराना है, लेकिन 2027 की जनगणना एक ऐतिहासिक मोड़ है क्योंकि यह पहली बार पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी। इससे पहले, जनगणना मुख्य रूप से कागजी दस्तावेजों पर आधारित होती थी, जिससे डेटा प्रोसेसिंग में लंबा समय लगता था।
अमित शर्मा ने निर्देश दिया कि प्रवासी आबादी, जनजातीय समुदायों और दूरदराज के वन क्षेत्रों के निवासियों की गणना पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जिला अधिकारियों को समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और स्थानीय आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान तेज करने का भी निर्देश दिया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जनगणना 2027 के लिए न्यूनतम फोन आवश्यकताएं क्या हैं?
उत्तर: फोन में कम से कम 8 GB RAM और Android 13 या उससे उच्च संस्करण होना चाहिए।
प्रश्न 2: जम्मू-कश्मीर में जनगणना कब शुरू होगी?
उत्तर: डोडा और अन्य बर्फीले क्षेत्रों में घर-घर जाकर गणना का कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 के बीच होगा।