केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए बनाए गए UGC इक्विटी नियम 2026 पर पुनर्विचार किया जा रहा है। अदालत ने इस मामले में UGC को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

  • केंद्र सरकार UGC इक्विटी नियम 2026 पर पुनर्विचार कर रही है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने नियमों को 'अस्पष्ट' और 'दुरुपयोग की संभावना वाले' बताते हुए फिलहाल रोक लगा रखी है।
  • अदालत ने UGC को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए इक्विटी नियम 2026 वर्तमान में पुनर्विचार के दौर से गुजर रहे हैं। यह मामला जाति आधारित भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से लागू किए गए नियमों की वैधता को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है।

कानूनी विवाद और अदालत की टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहनन की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि ये नियम पुनर्विचार के अधीन हैं। गौरतलब है कि 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों को स्थगित कर दिया था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि इन नियमों का ढांचा 'प्रथम दृष्टया अस्पष्ट' है और इसके 'बहुत व्यापक परिणाम' हो सकते हैं, जो समाज को विभाजित करने वाला एक 'खतरनाक प्रभाव' डाल सकता है।

नियमों में खामियां और विरोध

सुप्रीम कोर्ट ने नियमों की भाषा पर गंभीर सवाल उठाए थे। अदालत ने पूछा था कि जब पहले से ही 'भेदभाव' की एक व्यापक परिभाषा मौजूद है, तो 'जाति आधारित भेदभाव' के लिए अलग से परिभाषा की आवश्यकता क्यों है? इसके अलावा, अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि शैक्षणिक संस्थानों में उत्पीड़न का एक सामान्य रूप होने के बावजूद 'रैगिंग' को इन नियमों के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है।

BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि UGC के इन नियमों ने न केवल कानूनी गलियारों में बल्कि छात्र संगठनों के बीच भी भारी हलचल पैदा कर दी है। छात्र समूहों ने इन नियमों के तत्काल रद्दीकरण की मांग करते हुए विभिन्न स्थानों पर 'समता संवर्धन मार्च' जैसे विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। वर्तमान में, संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत, 2012 के पुराने UGC नियम ही प्रभावी रूप से लागू रहेंगे जब तक कि अदालत का अगला आदेश नहीं आता।

कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमों की अस्पष्टता और उनके संभावित दुरुपयोग की आशंका ही इस पूरे विवाद की जड़ है।
Did You Know?: सुप्रीम कोर्ट के पास अनुच्छेद 142 के तहत न्याय सुनिश्चित करने के लिए असाधारण शक्तियां हैं, जिसका उपयोग वह किसी भी मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए कर सकता है।

Frequently Asked Questions

1. UGC इक्विटी नियम 2026 क्या हैं?
ये नियम उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने और समानता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए थे।

2. वर्तमान में कौन से नियम लागू हैं?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, अभी 2012 के UGC नियम ही लागू हैं।