तमिलनाडु के नामक्कल जिले में सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर 2,000 से अधिक किसानों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जेदरपालयम बैराज से पानी रोके जाने के कारण हजारों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं।
- नामक्कल के परमथी वेलूर में 2,000 से अधिक किसानों ने भूख हड़ताल शुरू की।
- जेदरपालयम बैराज से पानी की आपूर्ति रोकने के कारण 30,000 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित।
- व्यापारियों के समर्थन से 300 से अधिक दुकानें बंद रखी गईं।
तमिलनाडु के नामक्कल जिले के परमथी वेलूर में गुरुवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब हजारों किसानों ने सिंचाई के लिए पानी की तत्काल मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। किसानों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग द्वारा जेदरपालयम बैराज से राजा वैक्कल तक पानी की आपूर्ति 28 जुलाई से रोक दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र में संकट पैदा हो गया है।
इस जल संकट का प्रभाव अत्यंत व्यापक है। किसानों के अनुसार, परमथी वेलूर, पोथानूर, नंजई इडैयारू और पलापट्टी क्षेत्रों में लगभग 30,000 एकड़ भूमि पर लगी महत्वपूर्ण फसलें जैसे कि पान का पत्ता (betel leaf), केला और गन्ना अब पूरी तरह से सूखने की कगार पर हैं। यदि पानी की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल स्थानीय जल विवाद नहीं है, बल्कि यह कृषि-आर्थिक स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। जब सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति अचानक रोक दी जाती है, तो इसका असर न केवल किसानों की आय पर पड़ता है, बल्कि स्थानीय व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र पर भी पड़ता है।
कृषि क्षेत्र में पानी का प्रबंधन केवल एक तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है।
गुरुवार को मोहनूर रोड पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में 2,000 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। इस आंदोलन को स्थानीय व्यापारियों का भी जबरदस्त समर्थन मिला, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र की 300 से अधिक दुकानें बंद रहीं। यह व्यापक जनसमर्थन दर्शाता है कि जल संकट ने पूरे समुदाय को प्रभावित किया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तमिलनाडु के कृषि बेल्ट में सिंचाई के लिए बैराज और नहरों पर निर्भरता ऐतिहासिक रूप से रही है। जेदरपालयम बैराज जैसे बुनियादी ढांचे का प्रबंधन अक्सर स्थानीय समुदायों और सरकारी विभागों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है, विशेष रूप से मानसून के अनिश्चित पैटर्न के दौरान।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: किसान किस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
उत्तर: किसान जेदरपालयम बैराज से राजा वैक्कल तक सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
प्रश्न 2: इस विरोध का आर्थिक प्रभाव क्या है?
उत्तर: 30,000 एकड़ फसल खतरे में है और स्थानीय व्यापार प्रभावित होने के कारण 300 से अधिक दुकानें बंद हैं।