दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मास्टर प्लान 2047 के तहत नए विकास क्षेत्रों, विशेष रूप से लैंड पूलिंग और यूईआर-II कॉरिडोर में सड़क नेटवर्क को प्राथमिकता देने की घोषणा की है।
- DDA नए विकास क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।
- लैंड पूलिंग और लो-डेंसिटी क्षेत्रों के लिए सड़क योजनाएं अगले 3-4 महीनों में अधिसूचित की जाएंगी।
- मुख्य सड़कों की चौड़ाई 30 मीटर या उससे अधिक रखी जाएगी ताकि NCR से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
नई दिल्ली: दिल्ली के भविष्य के शहरी ढांचे को नया आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार ने गुरुवार को घोषणा की कि मास्टर प्लान 2047 के तहत नए विकास क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का निर्माण प्राथमिकता पर रहेगा। इसमें लैंड पूलिंग जोन, कम घनत्व वाले क्षेत्र (Low-density areas) और अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) के साथ उच्च-घनत्व वाले कॉरिडोर शामिल हैं।
DDA उपाध्यक्ष के अनुसार, लैंड पूलिंग नीति और कम घनत्व वाले क्षेत्रों के लिए सड़क नेटवर्क की योजनाएं अगले तीन से चार महीनों के भीतर अधिसूचित होने की उम्मीद है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लैंड पूलिंग क्षेत्रों से मुख्य धमनी सड़कों (Arterial roads) को निकालना और उन्हें सीधे NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) की सड़कों से जोड़ना है। MPD-2047 के प्रावधानों के अनुरूप, इन सड़कों का 'राइट ऑफ वे' (Right of Way) 30 मीटर या उससे अधिक होगा।
बदला हुआ विकास मॉडल
DDA ने अपनी रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब विकास कार्यों को शुरू करने के लिए भूमि मालिकों द्वारा 'एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज' (EDC) जमा करने का इंतजार नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, लैंड पूलिंग मॉडल के तहत मुख्य सड़कों का विकास अग्रिम रूप से किया जाएगा। श्री कुमार ने स्पष्ट किया, "सड़कों का विकास हमारे लिए प्राथमिकता होगी।"
वर्तमान में, शहरी निकाय के पास लैंड पूलिंग नीति के तहत अनुमोदन के लिए लगभग 15 परियोजनाएं तैयार हैं, जिनमें से एक को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रक्रिया की एक खास बात यह है कि सड़कों और बुनियादी ढांचे के लिए आवश्यक भूमि सहभागी भूमि मालिकों द्वारा ही उपलब्ध कराई जाएगी।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में अनियंत्रित शहरीकरण और ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। सड़कों को पहले विकसित करने से भविष्य में बुनियादी ढांचे की कमी नहीं होगी और नए क्षेत्रों में व्यवस्थित बसावट सुनिश्चित होगी।
सड़कों का पहले निर्माण करने से लैंड पूलिंग क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा और दिल्ली के विस्तार में सुव्यवस्थित कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
यह योजना दिल्ली के परिधीय गांवों को कवर करने वाले लगभग 150 वर्ग किमी के कम घनत्व वाले क्षेत्रों के लिए एक समान योजना ढांचा भी प्रदान करेगी। इसके साथ ही, UER-II के साथ उच्च-घनत्व वाले कॉरिडोर के लिए DDA एक अलग योजना तैयार करेगा जो आसपास के लैंड-पूलिंग क्षेत्रों के साथ तालमेल बिठा सकेगी।
Frequently Asked Questions
1. DDA की नई योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य नए विकास क्षेत्रों और लैंड पूलिंग जोन में पहले से ही मजबूत सड़क नेटवर्क सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में यातायात की समस्या न हो।
2. नई सड़कों की चौड़ाई कितनी होगी?
MPD-2047 के अनुसार, इन मुख्य सड़कों का 'राइट ऑफ वे' कम से कम 30 मीटर या उससे अधिक होगा।