आजमगढ़ में 23 अगस्त को आयोजित होने वाली UPSSSC स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। 15 केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा में 6888 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिसकी निगरानी CCTV और बायोमेट्रिक तकनीक से की जाएगी।

  • 23 अगस्त को 15 केंद्रों पर आयोजित होगी UPSSSC स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा।
  • कुल 6888 अभ्यर्थी शामिल होंगे, सुरक्षा के लिए CCTV और बायोमेट्रिक अनिवार्य।
  • परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा-163 लागू रहेगी।
  • लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नए कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आगामी 23 अगस्त को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा का आयोजन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक किया जाएगा, जिसमें जिले के विभिन्न 15 परीक्षा केंद्रों पर कुल 6888 अभ्यर्थी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने स्टैटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ केंद्र व्यवस्थापकों की विस्तृत चर्चा की। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर केंद्र पर अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए।

तकनीकी निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल

परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने CCTV कैमरों और बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रों पर गहन फ्रिस्किंग (तलाशी) की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा और पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा की जाएगी।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक और डिजिटल निगरानी अब अनिवार्य सुरक्षा मानक बन गए हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा-163 के प्रावधान लागू रहेंगे। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन, पेजर, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना सख्त वर्जित है। इसके अलावा, केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट और फोटोकॉपी की दुकानों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री का प्रसार न हो सके।

प्रशासनिक व्यवस्था और कानूनी सख्ती

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। मजिस्ट्रेटों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्रों पर मोर्चा संभालने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी ड्यूटी में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन अब पारंपरिक तरीकों से हटकर सख्त कानूनी ढांचे और आधुनिक तकनीक का मिश्रण अपना रहा है। यह कदम न केवल नकल रोकने के लिए है, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और उनके विश्वास को सुरक्षित करने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Did You Know?: उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए विशेष अधिनियम लागू किया है, जिसमें जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: UPSSSC परीक्षा कब और कहाँ आयोजित की जा रही है?
उत्तर: यह परीक्षा 23 अगस्त को आजमगढ़ के 15 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

प्रश्न 2: परीक्षा केंद्रों के पास क्या प्रतिबंध हैं?
उत्तर: केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा-163 लागू है और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाना प्रतिबंधित है।