तिरुवनंतपुरम में स्थायी कचरा संग्रह केंद्रों के अभाव ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। सास्तमंगलम केंद्र के बंद होने के बाद निवासियों के पास सूखे कचरे के निपटान के लिए कोई स्थायी विकल्प नहीं बचा है।

  • सास्तमंगलम स्थित अंतिम प्रमुख ड्राई वेस्ट कलेक्शन हब के बंद होने से कचरा प्रबंधन बाधित हुआ है।
  • हरित कर्म सेना केवल प्लास्टिक कचरा ही एकत्र कर पा रही है, अन्य श्रेणियों का अभाव है।
  • स्थायी केंद्रों की कमी से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने का खतरा बढ़ गया है।

तिरुवनंतपुरम में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की दिशा में चल रहे प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा है। शहर में पृथक कचरा संग्रह केंद्रों (Segregated Waste Collection Hubs) की कमी के कारण नगर निगम की योजनाएं पटरी से उतरती नजर आ रही हैं। हालांकि कुछ वार्डों में समय-समय पर कचरा संग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये कार्यक्रम एक स्थायी संग्रह केंद्र का विकल्प नहीं हो सकते।

वर्ष 2017 में, राज्य सरकार और तिरुवनंतपुरम नगर निगम ने नागरिकों में कचरा अलग करने की आदत डालने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए थे। इसके तहत सूखे कचरे के लिए विशेष हब खोले गए थे, जहाँ नागरिक कांच, प्लास्टिक, कपड़ा, टिन, कागज और पुराने जूते-चप्पल जैसे गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे को जमा कर सकते थे। ये केंद्र काफी लोकप्रिय हुए थे और इनसे रीसाइक्लिंग प्रक्रिया में बड़ी मदद मिली थी।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जब तक कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण (Segregation at source) नहीं किया जाता, तब तक शहरी स्वच्छता का लक्ष्य प्राप्त करना असंभव है। सास्तमंगलम के पास स्थित अंतिम हब के जून में बंद होने से शहर के निवासियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

स्थायी बुनियादी ढांचे के बिना, केवल छिटपुट अभियान कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान नहीं कर सकते।

बता दें कि सास्तमंगलम केंद्र के बंद होने के पीछे राजनीतिक कारण भी रहे हैं। भाजपा पार्षद आर. श्रीलेखा की मांग पर इस सुविधा को बंद कर दिया गया, जो उनके कार्यालय के सामने स्थित थी। इस निर्णय ने न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को कमजोर किया है, बल्कि कचरे के उचित निपटान की श्रृंखला को भी तोड़ दिया है।

वर्तमान में, हरित कर्म सेना के स्वयंसेवक अधिकांश वार्डों में घर-घर जाकर कचरा एकत्र करते हैं, लेकिन उनकी क्षमता केवल प्लास्टिक कचरे तक ही सीमित है। पूर्ववर्ती मॉडल के तहत, इन केंद्रों पर एकत्र किए गए विभिन्न प्रकार के कचरे को रीसाइक्लिंग एजेंसियों को सौंपा जाता था, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डंप होने की समस्या कम होती थी। अब, केंद्रों के अभाव में यह कचरा सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर जमा होने की आशंका बढ़ गई है।

Did You Know?: कचरे का सही पृथक्करण रीसाइक्लिंग की दक्षता को 80% तक बढ़ा सकता है।

Frequently Asked Questions

1. तिरुवनंतपुरम में कचरा संग्रहण समस्या का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण स्थायी ड्राई वेस्ट कलेक्शन हब का अभाव है, विशेष रूप से सास्तमंगलम केंद्र के बंद होने के बाद।

2. हरित कर्म सेना क्या एकत्र करती है?
वर्तमान में, हरित कर्म सेना मुख्य रूप से केवल प्लास्टिक कचरा ही एकत्र कर पा रही है।