आंध्र प्रदेश विधानसभा की एक समिति ने तिरुपति और विशाखापत्तनम के चिड़ियाघरों को सिंगापुर के प्रसिद्ध मंडाई वाइल्डलाइफ रिजर्व की तर्ज पर विकसित करने की सिफारिश की है। इस योजना में पर्यटन सर्किट, बुनियादी ढांचे में सुधार और पीपीपी मॉडल पर जोर दिया गया है।

  • तिरुपति और विशाखापत्तनम के चिड़ियाघरों को सिंगापुर के 'मंडाई वाइल्डलाइफ रिजर्व' मॉडल पर विकसित करने का सुझाव।
  • विशाखापत्तनम के चिड़ियाघर को समुद्र तट और कैलाशगिरी के साथ एक पर्यटन सर्किट में जोड़ने की योजना।
  • रिक्त पदों को भरने, अतिरिक्त पशु चिकित्सकों की नियुक्ति और पीपीपी (PPP) मॉडल को बढ़ावा देने की सिफारिश।
  • चिड़ियाघरों के विकास के लिए CSR और TTD फंड से वार्षिक बजट आवंटन का प्रस्ताव।

आंध्र प्रदेश विधानसभा की वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति ने हाल ही में अपनी पहली महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की है, जिसमें राज्य के दो प्रमुख चिड़ियाघरों—श्री वेंकटेश्वर जीवमंडल पार्क (तिरुपति) और इंदिरा गांधी जीवमंडल पार्क (विशाखापत्तनम)—के कायाकल्प के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की गई है। विधानसभा अध्यक्ष सी. अय्यन्ना प्रतुडु की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सुझाव दिया है कि इन पार्कों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सिंगापुर के प्रसिद्ध मंडाई वाइल्डलाइफ रिजर्व के मॉडल को अपनाया जाना चाहिए।

विकास के लिए रणनीतिक सिफारिशें

समिति के सदस्यों, विधायकों गोंडू शंकर राव और वेगेसना नरेंद्र वर्मा राजू ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि चिड़ियाघरों को केवल जानवरों के रहने की जगह के बजाय एक पूर्ण 'पर्यटन अनुभव' के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसमें खिलौना ट्रेन की सुविधा, पशु गोद लेने (animal adoption) के कार्यक्रम और पूरे दिन के लिए आगंतुकों के जुड़ाव हेतु विभिन्न गतिविधियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, समिति ने तत्काल रिक्त पदों को भरने और अतिरिक्त पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की है ताकि वन्यजीवों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

विशाखापत्तनम और तिरुपति के लिए विशिष्ट योजनाएं

विशाखापत्तनम के इंदिरा गांधी जीवमंडल पार्क के लिए, समिति ने एक एकीकृत पर्यटन सर्किट बनाने का प्रस्ताव दिया है जिसमें चिड़ियाघर, कंबलाकोंडा वन्यजीव अभयारण्य, समुद्र तट और कैलाशगिरी को शामिल किया जाएगा। इसके लिए एक सुरक्षित फुट ओवर ब्रिज या अंडरपास के निर्माण की सिफारिश की गई है। वहीं, तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर जीवमंडल पार्क के लिए टीटीडी (TTD) से फंड जुटाने और तिरुमाला पहाड़ियों पर टिकट काउंटर स्थापित करने के साथ-साथ बहुभाषी गाइडों की नियुक्ति का सुझाव दिया गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यदि इन सिफारिशों को लागू किया जाता है, तो यह न केवल आंध्र प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। वर्तमान में, तिरुमाला के तीर्थयात्रियों में से केवल 4% ही चिड़ियाघर का दौरा करते हैं, जिसे इस नए मॉडल के माध्यम से काफी बढ़ाया जा सकता है।

चिड़ियाघरों का आधुनिकीकरण केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण और जन-जागरूकता के लिए एक अनिवार्य कदम है।

विशाखापत्तनम का चिड़ियाघर, जो 1972 में स्थापित हुआ था, भारत का चौथा सबसे बड़ा चिड़ियाघर है। यह 625 एकड़ में फैला हुआ है और एशियाई जंगली कुत्तों के संरक्षण के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है। दूसरी ओर, तिरुपति का चिड़ियाघर 1254 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैला है, जिसका एक बड़ा हिस्सा भविष्य में सफारी और नए बाड़ों के विकास के लिए आरक्षित है।

Did You Know?: विशाखापत्तनम का इंदिरा गांधी चिड़ियाघर एशियाई जंगली कुत्तों के प्रजनन और संरक्षण के लिए भारत में एक प्रमुख समन्वय केंद्र है।

Frequently Asked Questions

1. समिति ने किस अंतरराष्ट्रीय मॉडल का सुझाव दिया है?
समिति ने सिंगापुर के मंडाई वाइल्डलाइफ रिजर्व मॉडल का सुझाव दिया है।

2. विशाखापत्तनम चिड़ियाघर के लिए क्या विशेष योजना है?
इसे कंबलाकोंडा अभयारण्य और कैलाशगिरी के साथ मिलाकर एक एकीकृत पर्यटन सर्किट बनाने की योजना है।