नागापट्टिनम के इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने दक्षिणी रेलवे से वेलंकन्नी-चेन्नई एगमोर और कराईकल-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में पुराने आईसीएफ कोचों को बदलकर आधुनिक एलएचबी कोच लगाने का आग्रह किया है।
- नागापट्टिनम व्यापार मंडल ने दक्षिणी रेलवे को ज्ञापन सौंपा।
- वेलंकन्नी-चेन्नई एगमोर और कराईकल-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में LHB कोच की मांग।
- मदुरै से तिरुनल्लार के बीच नई दैनिक बिना आरक्षण वाली ट्रेन का प्रस्ताव।
- तांबरम और वेलंकन्नी के बीच नए डे-टाइम एक्सप्रेस सेवा की मांग।
नागापट्टिनम: इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ICCI), नागापट्टिनम ने यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। व्यापार मंडल ने दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपकर वेलंकन्नी-चेन्नई एगमोर एक्सप्रेस (16175/16176) और कराईकल-एर्नाकुलम एक्सप्रेस (16187/16188) में पुराने ICF कोचों को हटाकर आधुनिक LHB कोचों को शामिल करने की मांग की है।
यात्री सुरक्षा और आराम पर जोर
चैंबर के अध्यक्ष जी. मनोहरन और सचिव ए.एस. एन. सुरेश के नेतृत्व में, मंडल ने तर्क दिया कि एलएचबी (Linke Hofmann Busch) कोच लंबी दूरी की उच्च गति वाली ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर आराम, सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करते हैं। वर्तमान में उपयोग किए जा रहे पुराने कोच यात्रियों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए असुविधाजनक साबित हो रहे हैं।
आधुनिक एलएचबी कोच न केवल यात्रा को आरामदायक बनाते हैं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा के मानकों को भी काफी ऊंचा कर देते हैं।
नई रेल सेवाओं के लिए प्रस्ताव
ज्ञापन में केवल कोचों के आधुनिकीकरण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापार मंडल ने कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई सेवाओं का भी प्रस्ताव दिया है। मंडल ने मदुरै से तिरुनल्लार तक एक दैनिक सुबह की बिना आरक्षण वाली एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने का सुझाव दिया है, जो दिंडिगुल, तिरुचि, तंजावुर, तिरुवारूर, नागापट्टिनम, नागोर और कराईकल जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से गुजरेगी।
मंडल ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 25 वर्षों से मदुरै और नागापट्टिनम/नागोर के बीच कोई सीधी ट्रेन सेवा नहीं है। इसके कारण तीर्थयात्रियों और स्थानीय यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों और मरीजों को भारी कठिनाई होती है।
कनेक्टिविटी का महत्व: एक विश्लेषण
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) की भारी संभावनाएं हैं। वेलंकन्नी, तिरुनल्लार और नागोर जैसे पवित्र स्थलों के बीच बेहतर रेल लिंक न केवल यात्रियों की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगा। मंडल ने तांबरम और वेलंकन्नी के बीच एक नए डे-टाइम एक्सप्रेस सेवा की भी मांग की है।
Frequently Asked Questions
1. व्यापार मंडल ने किन ट्रेनों के लिए LHB कोच मांगे हैं?
वेलंकन्नी-चेन्नई एगमोर एक्सप्रेस और कराईकल-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के लिए।
2. मदुरै से तिरुनल्लार के बीच सीधी ट्रेन क्यों मांगी जा रही है?
क्योंकि पिछले 25 वर्षों से इन दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है।