केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने थिरुवनंतपुरम स्थित लोक भवन में नई 'थुंचन स्मृति लाइब्रेरी' का उद्घाटन किया। 10,000 से अधिक पुस्तकों के साथ यह पुस्तकालय अब जनता के लिए उपलब्ध होगा।

  • नई लाइब्रेरी का नाम मलयालम साहित्य के जनक थुंचथु एज़ुथचन के सम्मान में रखा गया है।
  • पुस्तकालय में विभिन्न विषयों पर लगभग 10,000 पुस्तकें उपलब्ध हैं।
  • यह सुविधा अब आम जनता के लिए पूरी तरह से खुली है।
  • लोक भवन का नाम दिसंबर 2025 में राज भवन से बदलकर लोक भवन किया गया था।

केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने थिरुवनंतपुरम के भव्य लोक भवन परिसर में एक नई पुस्तकालय का उद्घाटन करते हुए आधुनिक मलयालम साहित्य के पितामह, थुंचथु एज़ुथचन की विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस नई लाइब्रेरी को 'थुंचन स्मृति लाइब्रेरी' के रूप में नामित किया गया है, जो न केवल एक शैक्षणिक केंद्र है बल्कि सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि एज़ुथचन एक महान लेखक, कवि और संत तुल्य व्यक्तित्व थे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि यह नई लाइब्रेरी पहले की तुलना में कहीं अधिक विस्तृत और बेहतर संसाधनों से लैस है। यह कदम लोक भवन को जनता के लिए अधिक सुलभ और समावेशी बनाने के प्रयासों का एक हिस्सा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि लोक भवन का यह परिवर्तन केवल एक नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों को जनता के लिए खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कदम है। सरकारी परिसरों को ज्ञान के केंद्रों में बदलकर, राज्य सरकार बौद्धिक विकास और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा दे रही है।

साहित्यिक विरासत को आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं के साथ जोड़ना समाज के बौद्धिक आधार को मजबूत करने का एक सशक्त तरीका है।

पुस्तकालय का संग्रह अत्यंत समृद्ध है। इसमें इतिहास, कथा साहित्य, कविता, संस्कृति, राजनीति विज्ञान, विज्ञान, अर्थशास्त्र, दर्शन, संगीत, पत्रकारिता और मनोविज्ञान जैसे विषयों पर गहन अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। इसके अलावा, हिंदू, ईसाई, इस्लाम और सिख धर्म जैसे विभिन्न धर्मों पर पुस्तकें भी मौजूद हैं।

संग्रह की विशेष बात यह है कि इसमें स्वामी विवेकानंद के संपूर्ण कार्य और प्रसिद्ध अंग्रेजी हास्य लेखक पी.जी. वुडहाउस की कई कृतियाँ शामिल हैं। यह पुस्तकालय न केवल स्थानीय साहित्य बल्कि वैश्विक साहित्य के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता दर्शाता है।

विषयवार वर्गीकरण (Library Sections)

श्रेणी (Category)उपलब्ध विषय (Subjects Available)
मानविकीइतिहास, दर्शन, मनोविज्ञान, राजनीति विज्ञान
विज्ञान एवं तकनीकविज्ञान, अर्थशास्त्र, कृषि, चिकित्सा
साहित्य एवं कलाकविता, कथा साहित्य, संगीत, पत्रकारिता
धर्म एवं संस्कृतिहिंदू, ईसाई, इस्लाम, सिख धर्म

इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक जॉर्ज ओनाकूर, फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन और केरल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रभारी मोहनन कुन्नुम्माल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राज्यपाल ने केरल के लोगों से पुस्तकालय की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने का भी आह्वान किया।

Did You Know?: थुंचथु एज़ुथचन को मलयालम भाषा के व्याकरण और साहित्य को व्यवस्थित करने का श्रेय दिया जाता है।

Frequently Asked Questions

1. थुंचन स्मृति लाइब्रेरी में कितनी पुस्तकें हैं?
पुस्तकालय में वर्तमान में विभिन्न विषयों पर लगभग 10,000 पुस्तकें उपलब्ध हैं।

2. क्या यह पुस्तकालय आम जनता के लिए खुला है?
हाँ, राज्यपाल के अनुसार यह पुस्तकालय जनता के उपयोग के लिए खुला है।