कोयंबटूर नगर निगम ने कपड़ा कचरे को जलाने और फेंकने से रोकने के लिए 'मरु नेसावु' (पुनः बुनाई) नामक एक अभिनव पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत वेस्ट ज़ोन के वार्ड 33 में हर बुधवार को घरों से पुराने कपड़े और अन्य वस्त्र एकत्र किए जाएंगे।

  • 'मरु नेसावु' अभियान का उद्देश्य कपड़ा कचरे का पुनर्चक्रण (Recycling) करना है।
  • शुरुआत वेस्ट ज़ोन के वार्ड 33 से की गई है।
  • निवासियों को हर बुधवार को अपना पुराना कपड़ा कचरा सफाई कर्मचारियों को देना होगा।

तमिलनाडु के कोयंबटूर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नगर निगम ने कपड़ा कचरे के प्रबंधन के लिए एक विशेष अभियान 'मरु नेसावु' (Maru Nesavu) की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुराने और बेकार हो चुके कपड़ों को कचरे के ढेर में फेंकने या उन्हें जलाकर प्रदूषण फैलाने से रोकना है।

कोयंबटूर नगर निगम आयुक्त कट्टा रवि तेजा ने शुक्रवार को आर.एस. पुरम स्थित एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCC) में इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता कर्मचारियों को विशेष संग्रह बैग वितरित किए और अभियान के लिए तैनात वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

अभियान की कार्यप्रणाली

इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत, वेस्ट ज़ोन के वार्ड 33 के निवासियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर बुधवार को अपने घर का पुराना कपड़ा कचरा सफाई कर्मचारियों को सौंपें। इसमें केवल पहनने योग्य कपड़े ही नहीं, बल्कि फटे हुए कपड़े, बेडशीट, कंबल, तकिए के कवर, पर्दे और तौलिये जैसे अन्य घरेलू वस्त्र भी शामिल हैं।

एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 80 से अधिक स्वच्छता कर्मचारियों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार किया गया है। एकत्रित किए गए सभी कपड़ों को अलग-अलग किया जाएगा और फिर उन्हें पुनर्चक्रण (Recycling) और पुन: उपयोग के लिए भेजा जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कपड़ा उद्योग दुनिया के सबसे बड़े प्रदूषकों में से एक है। जब कपड़े लैंडफिल में फेंके जाते हैं, तो वे मीथेन जैसी हानिकारक गैसें छोड़ते हैं, और उन्हें जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है। कोयंबटूर की यह पहल 'सर्कुलर इकोनॉमी' (Circular Economy) को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

कपड़ा कचरे का सही प्रबंधन न केवल प्रदूषण कम करता है बल्कि संसाधनों के पुनर्चक्रण के माध्यम से नई आर्थिक संभावनाएं भी पैदा करता है।

नगर निगम का लक्ष्य इस योजना को वार्ड 33 में सफल बनाने के बाद चरणबद्ध तरीके से शहर के अन्य सभी क्षेत्रों में विस्तारित करना है।

Did You Know?: दुनिया भर में उत्पादित कपड़ों का लगभग 85% हिस्सा हर साल कचरे में फेंक दिया जाता है, जो पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है।

Frequently Asked Questions

1. मैं अपना पुराना कपड़ा कचरा कब दे सकता हूँ?
आप हर बुधवार को अपने क्षेत्र के स्वच्छता कर्मचारियों को अपना कपड़ा कचरा दे सकते हैं।

2. क्या इसमें केवल कपड़े ही शामिल हैं?
नहीं, इसमें बेडशीट, कंबल, पर्दे, तौलिये और फटे हुए कपड़ों के टुकड़े भी शामिल हैं।