विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स युवा एवं खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान एक भव्य गाला डिनर का आयोजन किया गया, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध नृत्य परंपराओं को प्रदर्शित किया गया।
- विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा एवं खेल मंत्रियों की बैठक 2026 के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित।
- कुचिपुड़ी, मणिपुरी और असमिया नृत्य के माध्यम से भारत की 'विविधता में एकता' का प्रदर्शन।
- मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित।
विशाखापत्तनम के भव्य आयोजन में शनिवार को ब्रिक्स (BRICS) युवा एवं खेल मंत्रियों की बैठक 2026 के हिस्से के रूप में एक शानदार गाला डिनर आयोजित किया गया। इस शाम का मुख्य विषय "एक संस्कृति, कई धर्म, एक मानवता" (One Culture, Many Faiths, One Humanity) रखा गया था, जिसने वैश्विक प्रतिनिधियों को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गहराई से परिचित कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत आंध्र प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्य शैली के 'तरंगम' प्रदर्शन के साथ हुई, जिसने अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद 'कुचिपुड़ी आंध्र वैभवम' के माध्यम से आंध्र प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत किया गया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया और राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से सहित कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
सांस्कृतिक संगम का दृश्य
कार्यक्रम केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं था। मंच पर गुजरात और केरल की लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली। इसके बाद मणिपुर की कला और साहस को दर्शाते हुए 'मणिपुर, संस्कृति, साहस और रंगों की भूमि' और असम की प्राकृतिक सुंदरता को समर्पित प्रदर्शन पेश किया गया। पश्चिम बंगाल के कलाकारों ने दुर्गा पूजा से जुड़े तत्वों के साथ अपनी कलात्मक परंपराओं का प्रदर्शन कर समां बांध दिया।
सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) वैश्विक मंचों पर देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक शक्तिशाली माध्यम है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह के सांस्कृतिक प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं हैं, बल्कि यह भारत की 'सॉफ्ट पावर' (Soft Power) को प्रदर्शित करने का एक रणनीतिक तरीका है। यह वैश्विक नेताओं को भारत की विविधता और समावेशी विकास की कहानी बताता है।
कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक नृत्य प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने एक साथ मंच साझा किया। यह प्रदर्शन भारत के मूल मंत्र 'विविधता में एकता' का एक जीवंत प्रतीक था, जिसने उपस्थित सभी विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
Frequently Asked Questions
1. ब्रिक्स गाला डिनर का मुख्य विषय क्या था?
इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "एक संस्कृति, कई धर्म, एक मानवता" था।
2. इस कार्यक्रम में किन राज्यों की संस्कृति दिखाई गई?
इसमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, मणिपुर, असम और पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक झलकियाँ दिखाई गईं।