महाराष्ट्र सरकार द्वारा गैर-मराठी भाषी ड्राइवरों के खिलाफ चलाए जा रहे भाषा परीक्षण अभियान के कारण मुंबई और ठाणे के कई इलाकों में ऑटो-रिक्शा की संख्या में भारी कमी देखी गई है। ड्राइवरों को नोटिस दिए जा रहे हैं और भाषा न आने पर लाइसेंस निलंबन का खतरा मंडरा रहा है।

  • महाराष्ट्र सरकार द्वारा गैर-मराठी भाषी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा दक्षता अनिवार्य की गई है।
  • अभियान के पहले ही दिन 8,217 ड्राइवरों का परीक्षण किया गया, जिनमें से सैकड़ों को नोटिस दिए गए।
  • भाषा परीक्षण में विफल रहने पर ड्राइवरों का बैज (लाइसेंस) तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।
  • डर के कारण मुंबई और ठाणे के कई हिस्सों में सड़कों पर कम वाणिज्यिक वाहन देखे जा रहे हैं।

मुंबई और मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को सड़कों पर कम वाणिज्यिक यात्री वाहन देखे गए। इसका मुख्य कारण महाराष्ट्र सरकार द्वारा गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ चलाया जा रहा सख्त अभियान है। ड्राइवरों में इस बात का डर व्याप्त है कि यदि वे मराठी भाषा के बुनियादी परीक्षण में विफल रहे, तो उन्हें नोटिस दिए जाएंगे और उनके लाइसेंस या बैज निलंबित किए जा सकते हैं।

ठाणे, सायन और कुर्ला जैसे इलाकों में ड्राइवरों ने बताया कि इस प्रवर्तन अभियान के कारण उनके कई सहकर्मी काम पर आने के बजाय घर पर ही रुकना पसंद कर रहे हैं। प्रयागराज के रहने वाले 58 वर्षीय इज़हार मोहम्मद ने बताया कि उनके कई साथियों ने मराठी दक्षता की कमी के कारण नोटिस मिलने के डर से अपनी टैक्सियाँ लॉक कर दी हैं। अकेले पहले दिन ही राज्य भर में 8,217 ड्राइवरों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 604 चालक MMR क्षेत्र में अपर्याप्त ज्ञान के कारण नोटिस के घेरे में आए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह कदम केवल भाषाई अनिवार्यता नहीं है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान और प्रवासी श्रमिकों के बीच रोजगार की सुरक्षा के बीच एक जटिल संतुलन बनाने का प्रयास है। भाषा की बाधा न केवल यात्रियों और ड्राइवरों के बीच संचार को प्रभावित करती है, बल्कि यह ड्राइवरों की आजीविका के लिए एक बड़ा कानूनी जोखिम भी बन गई है।

'हमारा लक्ष्य ड्राइवरों को रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके पास यात्रियों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने के लिए बुनियादी मराठी ज्ञान हो।' - हेमंगिनी पाटिल, ठाणे आरटीओ प्रमुख।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTOs) ने कुर्ला, ठाणे, दादर और मुंबई सेंट्रल जैसे क्षेत्रों में कई फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं। अधिकारी ड्राइवरों के लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन बैज की जांच करने के बाद उनसे मराठी में बुनियादी सवाल पूछते हैं, जैसे उनका नाम, जन्मस्थान, यात्री शिष्टाचार, रूट, किराया और सड़क सुरक्षा नियम। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह परीक्षण औपचारिक प्रवाह के बजाय व्यावहारिक, रोजमर्रा के संचार पर केंद्रित है।

यह प्रवर्तन अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगा। जिन ड्राइवरों को भाषा में कमतर पाया जाएगा, उन्हें बुनियादी मराठी कौशल सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। यदि वे दूसरे परीक्षण में भी विफल रहते हैं, तो उनका बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। इस बीच, कई प्रवासी ड्राइवर निजी ट्यूशन और उपलब्ध कोर्स बुकलेट के माध्यम से सीखने की कोशिश कर रहे हैं।

Did You Know?: महाराष्ट्र में वर्तमान में लगभग 9.65 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी परमिट सक्रिय हैं, जो इस अभियान के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि कोई ड्राइवर मराठी परीक्षण में विफल रहता है तो क्या होगा?
उत्तर: विफल होने वाले ड्राइवरों को नोटिस दिया जाएगा और उन्हें सुधार के लिए एक महीने का समय मिलेगा। यदि वे दोबारा विफल होते हैं, तो उनका बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

प्रश्न 2: यह अभियान कब तक चलेगा?
उत्तर: यह प्रवर्तन अभियान 30 सितंबर, 2026 तक जारी रहने वाला है।