कर्नाटक के उद्योग और वाणिज्य विभाग के निदेशक आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार रहस्यमय तरीके से लापता हो गए हैं। उनका मोबाइल बंद है और आखिरी लोकेशन बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिली है।
- आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार 20 अगस्त से लापता हैं।
- अधिकारी की आखिरी लोकेशन बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिली है।
- गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने मामले की पुष्टि की है, हालांकि अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
- गंगवार इससे पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे।
कर्नाटक के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के अचानक लापता होने की खबर सामने आई। गंगवार, जो वर्तमान में उद्योग और वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, पिछले कुछ दिनों से अपने परिवार और सहयोगियों के साथ संपर्क से बाहर हैं। सूत्रों के अनुसार, वह 20 अगस्त से लापता हैं और उन्होंने दिल्ली जाने के लिए विमान का टिकट भी बुक किया था।
राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने इस गंभीर मामले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सरकार को इस घटनाक्रम की जानकारी मिली है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गंगवार के परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से अभी तक कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। मंत्री ने बताया कि तकनीकी जांच में अधिकारी की अंतिम लोकेशन केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बेंगलुरु) पर पाई गई है, और हवाई अड्डा प्रशासन से प्राप्त जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह अचानक लापता होना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि राज्य के प्रशासनिक ढांचे में चल रही उथल-पुथल की ओर भी इशारा करता है। गंगवार का कार्यकाल विवादों से मुक्त नहीं रहा है; वह इससे पहले कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में परीक्षा नियंत्रक के पद पर थे, जहाँ से उन्हें इस साल मार्च में हटाया गया था।
अधिकारी का अचानक संपर्क तोड़ना और एयरपोर्ट पर आखिरी लोकेशन मिलना एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।
गंगवार के लापता होने के समय कर्नाटक में केपीएससी (KPSC) को लेकर काफी विवाद चल रहा है। राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में केपीएससी के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार के खिलाफ जांच और उनके निलंबन की सिफारिश की है। साहूकार पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप हैं, जिसके चलते ईडी (ED) ने भी हाल ही में कई परिसरों की तलाशी ली थी।
हालांकि अधिकारी के लापता होने का सीधा संबंध केपीएससी के भ्रष्टाचार मामले से है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा तेज है। गंगवार का केपीएससी में कार्यकाल के दौरान हटाए जाना और उसके तुरंत बाद उनका लापता होना कई अनुत्तरित प्रश्न खड़े करता है।
Historical Background
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) पिछले कुछ समय से भर्ती घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सुर्खियों में रहा है। हाल ही में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया है, जिसके चलते सरकार को कड़े कदम उठाने पड़े हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार वर्तमान में किस पद पर तैनात थे?
उत्तर: वह कर्नाटक के उद्योग और वाणिज्य विभाग में MSME निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
प्रश्न 2: अधिकारी की आखिरी लोकेशन कहाँ मिली है?
उत्तर: अधिकारी की आखिरी लोकेशन बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिली है।