केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) द्वारा नए निर्देश जारी करने के बावजूद, आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट स्लॉट के लिए 15 दिनों से लेकर दो महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

  • MVD के निर्देशों के बावजूद ड्राइविंग टेस्ट स्लॉट मिलने में भारी देरी हो रही है।
  • कुछ आरटीओ (RTO) कार्यालयों में प्रतीक्षा अवधि 65 दिनों से अधिक है।
  • ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने बैकलॉग कम करने के लिए विशेष सर्कुलर जारी किया था।
  • नया डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आने से प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

केरल में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया एक बड़ी चुनौती बन गई है। हालांकि मोटर वाहन विभाग (MVD) ने बैकलॉग को खत्म करने और स्लॉट आवंटन में देरी को रोकने के लिए एक विस्तृत सर्कुलर जारी किया था, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। आवेदकों को लर्नर लाइसेंस पास करने के बाद ड्राइविंग टेस्ट के लिए 15 दिनों से लेकर दो महीने से अधिक का समय लग रहा है।

इस संकट को देखते हुए, 26 जुलाई को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया था। इस निर्देश के अनुसार, अगले तीन महीनों तक सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTOs) और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (SRTOs) को बिना किसी अपवाद के सप्ताह में पांच कार्य दिवसों पर ड्राइविंग टेस्ट आयोजित करने चाहिए। विभाग का लक्ष्य प्रतिदिन 50 उम्मीदवारों का परीक्षण करना है, जिसमें नए उम्मीदवार, री-टेस्ट देने वाले और विशेष कोटा वाले लोग शामिल होंगे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि प्रशासनिक देरी न केवल नागरिकों को परेशान कर रही है, बल्कि इससे सड़क सुरक्षा और कानूनी अनुपालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जब लोग बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाते हैं, तो यह जोखिम और बढ़ जाता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केरल के 86 आरटीओ और एसआरटीओ में से केवल 37 कार्यालय ही निर्धारित समय सीमा के भीतर स्लॉट आवंटित कर पा रहे हैं। सबसे खराब स्थिति त्रिशूर आरटीओ और माननक्Kad, निलंबूर, पेरिनथलmanna और वंदीपेरियार के एसआरटीओ में देखी गई है, जहाँ प्रतीक्षा अवधि 65 दिनों को पार कर गई है।

प्रशासनिक आदेशों और जमीनी कार्यान्वयन के बीच का यह अंतर सरकारी दक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

विभाग का तर्क है कि देरी को चरणों में कम किया जाएगा। बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए नए लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। हालांकि, आवेदकों की मांग है कि केवल उपकरण ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन विंग (enforcement wing) के अधिकारियों की संख्या भी बढ़ाई जाए ताकि लंबित आवेदनों का तेजी से निपटान हो सके।

Historical Background

केरल में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में पिछले कुछ वर्षों में आवेदनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे मौजूदा आरटीओ बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक दबाव पड़ा है। डिजिटल इंडिया पहल के बावजूद, स्थानीय स्तर पर तकनीकी और मानव संसाधन की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है।

Did You Know?: केरल के कुछ क्षेत्रों में ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है, लेकिन सर्वर डाउन होने की समस्या अक्सर आवेदकों को परेशान करती है।

Frequently Asked Questions

1. केरल में ड्राइविंग टेस्ट स्लॉट के लिए अधिकतम प्रतीक्षा अवधि क्या है?
वर्तमान में, कुछ कार्यालयों जैसे त्रिशूर में यह अवधि 65 दिनों से अधिक हो सकती है।

2. MVD ने बैकलॉग कम करने के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
MVD ने निर्देश दिया है कि अगले तीन महीनों तक सप्ताह में पांच दिन ड्राइविंग टेस्ट आयोजित किए जाएं और स्लॉट आवंटन की समय सीमा तय की जाए।