कोझिकोड के सांसद एम.के. राघवन ने मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से अलग कर मैसूरु डिवीजन में स्थानांतरित करने के रेलवे बोर्ड के फैसले को 'अन्यायपूर्ण' बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे मालाबार क्षेत्र के रेल विकास पर गहरा असर पड़ेगा।

  • रेलवे बोर्ड ने मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल करने का आदेश दिया है।
  • सांसद एम.के. राघवन ने इस फैसले को मालाबार क्षेत्र के विकास के लिए हानिकारक बताया है।
  • इस बदलाव से पलक्कड़ डिवीजन को राजस्व और नए रेल प्रोजेक्ट्स में भारी नुकसान होने की आशंका है।

कोझिकोड के सांसद एम.के. राघवन ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मंगलुरु क्षेत्र को पलक्कड़ डिवीजन से अलग करने के हालिया निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। रेलवे बोर्ड द्वारा 21 अगस्त को जारी किए गए आदेश के अनुसार, मंगलुरु क्षेत्र को अब दक्षिण पश्चिमी रेलवे के मैसूरु डिवीजन के अंतर्गत लाया जाएगा।

राघवन ने इस कदम को 'अन्यायपूर्ण' करार देते हुए कहा कि यह निर्णय मालाबार क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे और विकास की गति को गंभीर रूप से बाधित करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि मंगलुरु पोर्ट से होने वाले माल ढुलाई (freight) के राजस्व और मंगलुरु सेंट्रल तथा मंगलुरु जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशनों से होने वाली आय से पलक्कड़ डिवीजन को वंचित कर दिया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रेलवे डिवीजनों का पुनर्गठन केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और यात्री सुविधाओं पर पड़ता है। यदि राजस्व वाले महत्वपूर्ण स्टेशन एक डिवीजन से दूसरे में स्थानांतरित किए जाते हैं, तो मूल डिवीजन की वित्तीय क्षमता कम हो जाती है, जिससे नए ट्रेनों के संचालन और बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा आती है।

इस फैसले से पलक्कड़ डिवीजन के अस्तित्व और उत्तरी केरल के यात्रियों के लिए विकास की संभावनाओं पर संकट खड़ा हो सकता है।

सांसद ने आगे कहा कि मालाबार में नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने और मौजूदा सेवाओं का विस्तार करने में इस अलगाव के कारण बड़ी कठिनाइयां पैदा होंगी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि रेलवे पहले से ही मालाबार की उपेक्षा कर रहा है, और अब इस तरह के राजस्व-जनक क्षेत्र को हटाना यात्रियों के हितों के साथ खिलवाड़ है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दक्षिण भारतीय रेलवे का नेटवर्क दशकों से विभिन्न डिवीजनों के माध्यम से संचालित होता रहा है, जहाँ पलक्कड़ डिवीजन केरल के महत्वपूर्ण रेल गलियारों की सेवा करता है। मंगलुरु का इस डिवीजन का हिस्सा होना मालाबार और तटीय कर्नाटक के बीच एक मजबूत आर्थिक और परिवहन कड़ी प्रदान करता रहा है।

Frequently Asked Questions

1. रेलवे बोर्ड का नया आदेश क्या है?
रेलवे बोर्ड ने मंगलुरु क्षेत्र को पलक्कड़ डिवीजन से अलग कर मैसूरु डिवीजन के अधीन करने का निर्णय लिया है।

2. इस फैसले का मालाबार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे मालाबार क्षेत्र में नई ट्रेनों की शुरुआत और रेलवे विकास परियोजनाओं में कमी आने की आशंका है।