कोयंबटूर-मेट्टुपालयम MEMU ट्रेन में कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 करने के बाद, RPF और GRP अब फुटबोर्ड यात्रा रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है। यात्रियों को चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर जेल और भारी जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
- मेट्टुपालयम-कोयंबटूर MEMU ट्रेन में कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है।
- फुटबोर्ड यात्रा करने वालों पर रेलवे अधिनियम की धारा 156 के तहत कार्रवाई होगी।
- महिला कोच में पुरुषों के प्रवेश पर ₹2,500 का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- RPF और GRP मिलकर स्टेशनों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
कोयंबटूर: मेट्टुपालयम और कोयंबटूर के बीच चलने वाली MEMU यात्री ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए, रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में ट्रेन में कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है, जिसके बाद अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) मिलकर फुटबोर्ड यात्रा (ट्रेन के गेट पर लटककर यात्रा करना) को रोकने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। फुटबोर्ड पर यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे अधिनियम की धारा 156 के तहत दंडित किया जाएगा, जिसमें तीन महीने तक की कैद या ₹500 का जुर्माना (या दोनों) शामिल है। यह कार्रवाई यात्रियों के बीच एक निवारक प्रभाव पैदा करने के लिए की जा रही है ताकि वे सुरक्षित तरीके से ट्रेन के भीतर यात्रा करें।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और मांग
मेट्टुपालयम, करामाडई, पेरियानाइकेनपालयम और थुडियालुर जैसे क्षेत्रों के यात्रियों ने लंबे समय से कोचों की संख्या बढ़ाने की मांग की थी। 'नम्मा मेट्टुपालयम सोशल वेलफेयर कमेटी' ने इस संबंध में कई बार रेलवे प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। पहले 8 कोच होने के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होती थी, जिससे यात्रियों को गेट पर लटककर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ता था। आखिरकार, 10 अगस्त को यात्रियों की मांग को पूरा करते हुए 4 अतिरिक्त कोच जोड़ दिए गए।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यात्री क्षमता में वृद्धि के बावजूद, सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। कोचों की संख्या बढ़ने से भीड़ कम होने की उम्मीद है, लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि यात्री नई सुविधाओं का दुरुपयोग न करें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
सुरक्षा बलों की यह सक्रियता न केवल दुर्घटनाओं को रोकेगी बल्कि महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित करेगी।
इसके अतिरिक्त, महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिला पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से महिला कोचों की निगरानी के लिए तैनात किया गया है ताकि पुरुषों के प्रवेश को रोका जा सके। 1 जुलाई, 2026 से लागू हुए नए नियमों के तहत, महिला कोच में घुसने वाले पुरुषों पर मौके पर ही ₹2,500 का जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने वालों को भविष्य में रेल यात्रा से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. फुटबोर्ड पर यात्रा करने पर क्या सजा है?
रेलवे अधिनियम की धारा 156 के तहत, इसमें 3 महीने की जेल या ₹500 का जुर्माना हो सकता है।
2. महिला कोच में पुरुष के प्रवेश पर कितना जुर्माना है?
नए नियमों के अनुसार, महिला कोच में पुरुष पाए जाने पर ₹2,500 का जुर्माना लगाया जाएगा।