कोयंबटूर में सांगानूर नहर पुनर्विकास परियोजना के तीन महत्वपूर्ण पैकेज राज्य सरकार की मंजूरी के इंतजार में अटके हुए हैं। ₹294 करोड़ के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर में एक वैकल्पिक सड़क गलियारा विकसित करना है।
- सांगानूर नहर पुनर्विकास के तीन पैकेज ₹294 करोड़ के निवेश के लिए राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
- पहला पैकेज (₹49 करोड़) लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अतिक्रमण हटाने की समस्या बनी हुई है।
- परियोजना का लक्ष्य रतिनापुरी से त्रिची रोड तक 6.5 किमी का नया सड़क गलियारा बनाना है।
कोयंबटूर में शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रस्तावित सांगानूर नहर पुनर्विकास परियोजना वर्तमान में प्रशासनिक बाधाओं का सामना कर रही है। परियोजना के पहले चरण के बाद के तीन महत्वपूर्ण पैकेज, जिनके लिए लगभग ₹294 करोड़ के निवेश की आवश्यकता है, अभी तक राज्य सरकार से मंजूरी नहीं प्राप्त कर सके हैं।
कोयंबटूर नगर निगम ने रतिनापुरी से त्रिची रोड तक लगभग 6.5 किलोमीटर लंबे गलियारे को विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, परियोजना की उच्च लागत के कारण अधिकारियों को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद कम है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर एक वैकल्पिक सड़क मार्ग बनाना है, जो यातायात के दबाव को कम करने में मदद करेगा।
परियोजना का वर्तमान चरण और चुनौतियां
परियोजना का पहला पैकेज, जिसकी शुरुआत नवंबर 2021 में ₹49 करोड़ की अनुमानित लागत से हुई थी, मेट्टुपलायम रोड से रतिनापुरी तक के 2.5 किमी हिस्से को कवर करता है। इसमें नहर के किनारों को मजबूत करना, रिटेनिंग वॉल बनाना और नहर की सफाई (desilting) जैसे कार्य शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, रिटेनिंग वॉल का काम पूरा हो चुका है और सड़क का काम अंतिम चरण में है। हालांकि, कुछ परिवारों के अतिक्रमण वाले हिस्सों में रहने के कारण पूरे मार्ग को अभी तक यातायात के लिए नहीं खोला गया है। अगस्त 2022 में निवासियों के पुनर्वास की समस्याओं के कारण काम रोक दिया गया था, जिसे जून 2023 में संशोधित योजना के साथ फिर से शुरू किया गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कोयंबटूर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों में बुनियादी ढांचे का विकास केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अतिक्रमण प्रबंधन और शहरी नियोजन की जटिलताओं से भी जुड़ा है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो यह शहर के लॉजिस्टिक नेटवर्क को पूरी तरह बदल सकती है।
बढ़ती निर्माण सामग्री की लागत और भूमि अधिग्रहण की जटिलताएं इस तरह की बड़ी शहरी परियोजनाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
प्रस्तावित तीन पैकेज रतिनापुरी से सत्यमंगलम रोड, सत्यमंगलम रोड से अविनाशी रोड, और अविनाशी रोड से त्रिची रोड के बीच के क्षेत्रों को कवर करेंगे। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लागत में वृद्धि का मुख्य कारण निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतें और पुनर्वास की प्रक्रिया है।
Frequently Asked Questions
1. सांगानूर नहर परियोजना का कुल अनुमानित बजट क्या है?
परियोजना के शेष तीन चरणों के लिए लगभग ₹294 करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है।
2. परियोजना में देरी का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारणों में राज्य सरकार से मंजूरी का इंतजार, निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत और अतिक्रमण करने वाले निवासियों का पुनर्वास शामिल है।