दिल्ली सरकार मधुबन चौक पर एक नया स्काईवॉक बना रही है, जो नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। यह पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता प्रदान करेगा और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगा।

  • मधुबन चौक पर दिल्ली का तीसरा स्काईवॉक नवंबर 30 तक पूरा होने की उम्मीद है।
  • यह पिटमपुरा मेट्रो स्टेशन, मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन और रोहिणी जिला न्यायालय को जोड़ेगा।
  • परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹9.62 करोड़ है।
  • यह क्षेत्र एक 'पैदल यात्री ब्लैकस्पॉट' है जहाँ सालाना 10-11 मौतें होती हैं।

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मधुबन चौक पर बहुप्रतीक्षित स्काईवॉक के नवंबर तक पूरा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को घोषणा की कि यह परियोजना पैदल यात्रियों की सुरक्षा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी। यह दिल्ली का तीसरा स्काईवॉक होगा, जिससे इस व्यस्त इलाके में सड़क पार करने के दौरान होने वाले खतरों में कमी आएगी।

मधुबन चौक, जो रोहिणी जिला न्यायालय, पिटमपुरा बाजार और एक मॉल के करीब स्थित है, राजधानी के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह क्षेत्र शीर्ष 10 'पैदल यात्री ब्लैकस्पॉट' में शामिल है, जहाँ 2020 से 2023 के बीच औसतन हर साल 10-11 लोगों की जान गई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के बुनियादी ढांचे का विकास केवल यातायात प्रबंधन के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए अनिवार्य है। मधुबन चौक जैसे उच्च-घनत्व वाले क्षेत्रों में, जहाँ मेट्रो स्टेशन और अदालतें पास-पास हैं, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग की कमी अक्सर घातक साबित होती है।

स्काईवॉक का निर्माण न केवल दुर्घटनाओं को रोकेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी बढ़ावा देगा।

यह स्काईवॉक वर्तमान में लगभग 60% पूरा हो चुका है। इसे तीन मुख्य भागों में बनाया जा रहा है: पहला भाग दो मेट्रो स्टेशनों को जोड़ता है, दूसरा रोहिणी कोर्ट के पास समाप्त होता है, और तीसरा हिस्सा प्रशांत विहार और वज़ीरपुर की ओर जाने वाले सड़क जंक्शन को जोड़ता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली में स्काईवॉक का विकास चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। पहला स्काईवॉक ITO में बनाया गया था, जो तिलक मार्ग, प्रगति मैदान और सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को जोड़ता है। दूसरा स्काईवॉक साउथ कैंपस में स्थित है। मधुबन चौक का यह नया प्रोजेक्ट दिल्ली के शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में अगला बड़ा कदम है।

विशेषतापुराना प्लान (FOB)नया स्काईवॉक प्रोजेक्ट
कनेक्टिविटीदो मेट्रो कॉरिडोरमेट्रो स्टेशन + रोहिणी कोर्ट
लंबाई/दायरा800 मीटर फुटओवर ब्रिजतीन खंडों वाला व्यापक नेटवर्क
मुख्य उद्देश्यकेवल मेट्रो यात्रीमेट्रो यात्री, वकील और कोर्ट स्टाफ
Did You Know?: मधुबन चौक को दिल्ली के सबसे खतरनाक पैदल यात्री क्षेत्रों में से एक माना जाता है, जहाँ भारी ट्रैफिक के कारण दुर्घटनाएं आम हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मधुबन चौक स्काईवॉक कब तक तैयार होगा?
उत्तर: इसके 30 नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

प्रश्न 2: यह स्काईवॉक किन स्थानों को जोड़ेगा?
उत्तर: यह पिटमपुरा मेट्रो स्टेशन, मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन और रोहिणी जिला न्यायालय को जोड़ेगा।