यह लेख UPSC उम्मीदवारों के लिए भारत-बांग्लादेश के जटिल कूटनीतिक संबंधों और भारत में बढ़ती चीनी की कीमतों के आर्थिक प्रभावों का एक विस्तृत विश्लेषण प्रदान करता है। इसमें राजनीतिक निकासी, प्रत्यर्पण संधि और कृषि विपणन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कवर किया गया है।

  • भारत-बांग्लादेश संबंधों में राजनीतिक अनिश्चितता और शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा प्रमुख है।
  • गंगा जल संधि और तीस्ता जल विवाद जैसे सीमा पार मुद्दे कूटनीतिक चुनौती बने हुए हैं।
  • चीनी उत्पादन में गिरावट और कम स्टॉक के कारण त्योहारों से पहले कीमतों में भारी वृद्धि देखी जा रही है।

भारत-बांग्लादेश कूटनीतिक गतिरोध और राजनीतिक अनिश्चितता

हाल ही में राष्ट्रपति भवन द्वारा बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा की घोषणा और फिर तुरंत उसे वापस लेने से नई दिल्ली में कूटनीतिक हलचल मच गई है। यह घटनाक्रम भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण रहे हैं।

विशेष रूप से, शेख हसीना का भारत में शरण लेना और उनके प्रत्यर्पण की मांग ने ढाका के साथ संबंधों में दरार पैदा कर दी है। भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि (2013) के तहत, राजनीतिक अपराधों के मामलों में प्रत्यर्पण से इनकार किया जा सकता है, जो इस मामले को और भी जटिल बनाता है।

भू-राजनीतिक और जल-साझाकरण चुनौतियां

भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 54 सीमा पार नदियां बहती हैं। गंगा जल संधि (1996) का नवीनीकरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की अपनी चिंताएं हैं। इसके अलावा, तीस्ता नदी के जल बंटवारे पर समझौता अभी भी लंबित है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों की दिशा तय करेगा।

भारत-बांग्लादेश संबंध केवल द्विपक्षीय नहीं हैं, बल्कि दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि UPSC परीक्षा के दृष्टिकोण से, 'भारत और उसके पड़ोसी' (GS II) और 'कृषि विपणन' (GS III) जैसे विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रणनीतिक रूप से, बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति भारत के लिए पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

चीनी संकट और खाद्य मुद्रास्फीति

दूसरी ओर, घरेलू स्तर पर, चीनी के उत्पादन में गिरावट और स्टॉक का 9 साल के निचले स्तर पर पहुंचना उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। त्योहारी सीजन (दशहरा और दिवाली) से पहले ही कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है, जो खाद्य मुद्रास्फीति को प्रभावित कर सकती है।

विशेषताFRP (उचित और लाभकारी मूल्य)MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य)
परिभाषागन्ना उत्पादकों को दी जाने वाली सुनिश्चित राशिअनाज और अन्य फसलों के लिए सरकार द्वारा गारंटीकृत मूल्य
निर्धारणचीनी आयोग द्वाराआर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा
Did You Know?: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल संधि का नवीनीकरण एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मील का पत्थर माना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि में राजनीतिक अपराधों का क्या प्रावधान है?
संधि के अनुच्छेद 6 के तहत, यदि कोई अपराध राजनीतिक रूप से प्रेरित माना जाता है, तो प्रत्यर्पण से इनकार किया जा सकता है।

2. चीनी की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
चीनी उत्पादन में कमी और कम बफर स्टॉक कीमतों में उछाल के प्रमुख कारण हैं।