हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा टीमों ने बिगबास्केट, ब्लिंकिट और ज़ेप्टो जैसे प्रमुख क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के डार्क स्टोर्स में स्वच्छता और भंडारण संबंधी गंभीर खामियां पाई हैं। छापेमारी के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी बरामद की गई है।

  • TG SAFE प्रवर्तन टीमों ने हैदराबाद के 20 डार्क स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया।
  • बिगबास्केट, ब्लिंकिट और ज़ेप्टो जैसे बड़े ब्रांडों के गोदामों में स्वच्छता और भंडारण के नियमों का उल्लंघन पाया गया।
  • जांच के दौरान कई स्टोरों में एक्सपायर्ड (समाप्ति तिथि निकल चुकी) खाद्य सामग्री भी मिली।
  • संबंधित स्टोरों को नोटिस जारी किए गए हैं और खाद्य नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।

हैदराबाद के कोर अर्बन रीजन (CURE) में शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, TG SAFE प्रवर्तन की दस टीमों ने शहर के प्रमुख क्विक-कॉमर्स 'डार्क स्टोर्स' पर छापेमारी की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की संयुक्त टीमों ने BigBasket, Blinkit और Zepto द्वारा संचालित 20 अलग-अलग डार्क स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि इन स्टोरों में स्वच्छता और भंडारण प्रबंधन (storage management) के मानकों की घोर अनदेखी की जा रही थी। कई स्थानों पर सब्जियां अत्यंत अस्वच्छ तरीके से रखी गई थीं, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कुछ स्टोरों में एक्सपायर्ड यानी समय सीमा समाप्त हो चुकी खाद्य सामग्री भी पाई गई, जिसे तुरंत हटाना अनिवार्य था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि क्विक-कॉमर्स का बढ़ता चलन उपभोक्ताओं के लिए सुविधा तो लाया है, लेकिन इसके पीछे के 'डार्क स्टोर्स' अक्सर कड़ी निगरानी से बच निकलते हैं। ये स्टोर ग्राहकों को सीधे दिखाई नहीं देते, जिससे इनके भीतर की स्वच्छता की स्थिति संदिग्ध बनी रहती है। खाद्य सुरक्षा मानकों में यह चूक सीधे तौर पर करोड़ों उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ है।

खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहे।

TG SAFE कमिश्नर के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई के बाद, नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी स्टोरों को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एकत्र किए गए खाद्य नमूनों के लैब परिणाम आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में, भारत में क्विक-कॉमर्स (10-20 मिनट में डिलीवरी) का बाजार तेजी से बढ़ा है। इस विस्तार के साथ ही 'डार्क स्टोर्स' (ऐसे गोदाम जो केवल ऑनलाइन ऑर्डर के लिए होते हैं) की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। चूंकि ये स्टोर पारंपरिक रिटेल दुकानों की तरह ग्राहकों के सामने नहीं होते, इसलिए खाद्य सुरक्षा विभागों के लिए इनकी निगरानी करना एक नई चुनौती बन गया है।

Did You Know?: डार्क स्टोर्स को 'डार्क' इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे ग्राहकों के लिए खुले नहीं होते और केवल ऑनलाइन ऑर्डर की पूर्ति के लिए उपयोग किए जाते हैं।

Frequently Asked Questions

1. किन कंपनियों के स्टोर पर छापा मारा गया?
हैदराबाद में बिगबास्केट, ब्लिंकिट और ज़ेप्टो के डार्क स्टोर्स पर छापेमारी की गई।

2. अधिकारियों ने क्या मुख्य खामियां पाईं?
अधिकारियों ने स्वच्छता की कमी, गलत भंडारण और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ पाए हैं।