कोयंबटूर में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री वी. संपत कुमार ने सौर ऊर्जा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की और महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान की। इस पहल का उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

  • कोयंबटूर में सौर ऊर्जा स्थापना पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया।
  • लोटस महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को ₹7 लाख का ऋण प्रदान किया गया।
  • केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सौर पैनलों पर कुल ₹1 लाख तक की सब्सिडी दे रहे हैं।
  • NERD NGO और डॉ. कामराज उझवर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन।

तमिलनाडु के कोयंबटूर में शनिवार को एक बहुआयामी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री वी. संपत कुमार ने NERD NGO और डॉ. कामराज उझवर प्रोड्यूसर कंपनी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

इस अवसर पर, मंत्री ने लोटस महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) के 10 सदस्यों को ₹7 लाख का ऋण वितरित किया। यह वित्तीय सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके छोटे व्यवसायों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, 30 उम्मीदवारों के लिए एक सप्ताह के सौर ऊर्जा स्थापना प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया गया।

कौशल विकास और आर्थिक लाभ

कार्यक्रम के दौरान, उन उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए जिन्होंने तीन महीने का निःशुल्क प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस प्रशिक्षण में भोजन और आवास की सुविधा भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, एक सप्ताह के अल्पकालिक कार्यक्रम को पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र के साथ ₹3,500 का प्रोत्साहन भत्ता भी दिया गया।

मंत्री संपत कुमार ने जोर देकर कहा कि इस तरह के कौशल प्रशिक्षण से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि लाभार्थियों की आय और जीवन स्तर में भी सुधार होगा। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें प्रति समूह ₹15,000 का रिवॉल्विंग फंड और रियायती दरों पर ऋण शामिल हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक असमानता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सौर ऊर्जा प्रशिक्षण जैसे कौशल विकास कार्यक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करते हैं, बल्कि देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद करते हैं।

कौशल आधारित प्रशिक्षण और सूक्ष्म वित्त का संगम महिला सशक्तिकरण की सबसे शक्तिशाली रणनीति है।

सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सब्सिडी पर चर्चा करते हुए, मंत्री ने बताया कि 3 kW के रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए केंद्र सरकार ₹78,000 और राज्य सरकार ₹22,000 की सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे कुल लाभ लगभग ₹1 लाख हो जाता है। उन्होंने नागरिकों से बिजली के खर्च को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।

इसके अलावा, डॉ. कामराज उझवर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा स्थापित सब्जी, फल और कपड़ा बिक्री केंद्रों का भी उद्घाटन किया गया। NERD NGO के निदेशक ने बताया कि इनका उद्देश्य वंचित समुदायों और जनजातीय लोगों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना है।

Did You Know?: भारत सरकार की सौर सब्सिडी योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा अपनाने की लागत को न्यूनतम करना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सौर ऊर्जा प्रणाली पर कुल कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
उत्तर: 3 kW के सिस्टम के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलाकर लगभग ₹1 लाख तक की कुल सब्सिडी प्रदान कर सकते हैं।

प्रश्न 2: स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सरकार से क्या सहायता मिलती है?
उत्तर: सरकार प्रति समूह ₹15,000 का रिवॉल्विंग फंड और कम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करती है।