केंद्र सरकार ने नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब मंत्री, सांसद, विधायक और सरकारी कर्मचारी अपने परिवार के साथ कृषि सब्सिडी का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

  • मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और सरकारी कर्मचारियों को अब NHB सब्सिडी से बाहर कर दिया गया है।
  • 'परिवार' की परिभाषा का विस्तार किया गया है ताकि लाभ का दुरुपयोग रोका जा सके।
  • सब्सिडी की दर को भी घटाकर सामान्य राज्यों के लिए 50% से 35% कर दिया गया है।
  • एक परिवार का केवल एक ही सदस्य सब्सिडी प्राप्त करने का पात्र होगा।

भारत सरकार ने नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की 'कमर्शियल हॉर्टिकल्चर और कोल्ड स्टोरेज स्कीम' के दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। यह निर्णय एक उच्च-स्तरीय जांच के बाद लिया गया है, जिसमें यह खुलासा हुआ था कि केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सरकारी सचिवों के परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे थे।

नए नियमों के तहत, अब संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों, वर्तमान मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, मेयरों और जिला पंचायत अध्यक्षों को वित्तीय सहायता के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के कर्मियों और 10,000 रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इस दायरे से बाहर रखा गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम सरकारी योजनाओं के समान वितरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। पूर्व में, 'परिवार' की परिभाषा काफी सीमित थी, जिसका लाभ उठाकर प्रभावशाली लोग सब्सिडी प्राप्त कर लेते थे। अब, परिवार की परिभाषा में पति/पत्नी, माता, पिता, पुत्र और पुत्री को शामिल किया गया है, जिससे सब्सिडी के दोहरे लाभ को रोका जा सके।

यह संशोधन कृषि क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप को कम करने और वास्तविक किसानों तक लाभ पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जांच में सामने आया था कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार के परिजनों ने इस योजना के तहत भारी सब्सिडी प्राप्त की थी। इस घटनाक्रम के बाद सरकार ने न केवल पात्रता को सख्त किया है, बल्कि सब्सिडी की राशि में भी कटौती की है। अब सामान्य श्रेणी के राज्यों में सब्सिडी 50% से घटकर 35% रह गई है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह 45% है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NHB के तहत यह योजना मुख्य रूप से शिमला मिर्च, खीरा और टमाटर जैसी सब्जियों और गुलाब, लिलियम जैसे फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर बागवानी उत्पादन और कटाई के बाद के प्रबंधन (Post-Harvest Management) को मजबूत करना था।

Did You Know?: इस योजना के तहत अधिकतम सब्सिडी 1 करोड़ रुपये प्रति परिवार तक सीमित थी, जिसे अब और अधिक कड़े नियमों के साथ नियंत्रित किया गया है।

Frequently Asked Questions

1. क्या सरकारी कर्मचारी अब भी सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, केंद्र और राज्य सरकार के सेवा में कार्यरत कर्मचारी (MTS/ग्रुप D को छोड़कर) अब पात्र नहीं हैं।

2. 'परिवार' की नई परिभाषा क्या है?
नई परिभाषा के अनुसार, परिवार में आवेदक का जीवनसाथी, माता, पिता, पुत्र और पुत्री शामिल हैं।