नोएडा के सबसे व्यस्त गौर चौक चौराहे पर बनने वाला ₹82 करोड़ का अंडरपास अब अक्टूबर के अंत तक खुलेगा। निर्माण में देरी के कारण लाखों यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है।
- गौर चौक अंडरपास का काम अब अक्टूबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
- बिटुमेन की कमी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान देरी के मुख्य कारण हैं।
- इस ₹82 करोड़ के प्रोजेक्ट से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों को राहत मिलेगी।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक, नोएडा के गौर चौक पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर है। जिस 700 मीटर लंबे आठ-लेन अंडरपास से ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलने वाली थी, उसका उद्घाटन अब अगस्त के बजाय अक्टूबर के अंत में, यानी दिवाली के आसपास होने की संभावना है।
वर्तमान में, गौर चौक पर प्रतिदिन लगभग एक लाख वाहनों का आवागमन होता है। इस भारी ट्रैफिक के कारण बाइक टैक्सी ड्राइवरों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। उदाहरण के तौर पर, मात्र 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को एक घंटे तक का समय लग रहा है, जिससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है बल्कि आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
क्यों हो रही है देरी?
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के अधिकारियों के अनुसार, ₹82 करोड़ की इस परियोजना का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है। हालांकि, निर्माण कार्य में कई बड़ी बाधाएं आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिटुमेन (डामर) की कमी और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान ने काम की गति धीमी कर दी है।
इसके अलावा, निर्माण स्थल के नीचे बिजली, गैस और सीवेज की भूमिगत उपयोगिता लाइनों (underground utility lines) की मौजूदगी ने भी चुनौती पेश की है। किसी भी छोटी गलती से आसपास के लाखों निवासियों की आवश्यक सेवाएं बाधित हो सकती थीं, इसलिए काम बहुत सावधानी से किया जा रहा है।
निर्माण कार्य मुख्य रूप से रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच किया जा रहा है ताकि यातायात को कम से कम प्रभावित किया जा सके।
BozokMedia विश्लेषण: क्या यह विकास की सुस्त रफ्तार का प्रतीक है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचे के विकास में देरी केवल तकनीकी नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक कारकों से भी जुड़ी है। बिटुमेन की बढ़ती कीमतें और आपूर्ति में देरी यह दर्शाती है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय संघर्ष स्थानीय शहरी विकास को प्रभावित कर रहे हैं।
इस अंडरपास के चालू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों जैसे गौर सिटी, गौर सिटी 2, सेक्टर 1, सेक्टर 4, चेरी काउंटी, निराला एस्टेट, एईसी सिटी और पंचशील ग्रीन्स के निवासियों को सीधा लाभ होगा। यह मार्ग सूरजपुर को गौर सिटी से जोड़ने के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली-मेरूर एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए भी जीवनरेखा साबित होगा।
Frequently Asked Questions
1. गौर चौक अंडरपास कब तक खुलेगा?
अधिकारियों के अनुसार, इसके अक्टूबर के अंत तक खुलने की संभावना है।
2. देरी का मुख्य कारण क्या है?
बिटुमेन की कमी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भूमिगत उपयोगिता लाइनों का प्रबंधन मुख्य कारण हैं।