कोयंबटूर नगर निगम ने वेल्लालुर में एक नए बस टर्मिनल के निर्माण की योजना बनाई है जो दक्षिण तमिलनाडु की बसों को संभालेगा। ₹126 करोड़ की इस परियोजना को लेकर उपभोक्ता कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य और सड़क संबंधी चिंताओं पर सवाल उठाए हैं।

  • वेल्लालुर बस स्टैंड को ₹126 करोड़ की लागत से दक्षिण-बाउंड सेवाओं के लिए विकसित किया जाएगा।
  • प्रारंभिक चरण में टर्मिनल में 64 बसों के बैठने की क्षमता होगी।
  • परियोजना को लेकर डंपयार्ड के पास स्वास्थ्य जोखिमों और खराब पहुंच सड़कों पर चिंता जताई गई है।

कोयंबटूर नगर निगम ने वेल्लालुर में आंशिक रूप से निर्मित बस स्टैंड के लिए अपनी योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब इस स्थल को तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों की ओर जाने वाली बसों के लिए एक समर्पित टर्मिनल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। निगम ने इस संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है।

इस प्रस्तावित सुविधा की अनुमानित लागत ₹126 करोड़ है, जो पहले के ₹168 करोड़ के एकीकृत बस टर्मिनल प्रस्ताव से कम है। निगम अधिकारियों के अनुसार, यह नया बदलाव सिंगनल्लूर और गांधीपुरम बस स्टैंडों के पुनर्विकास की योजना को ध्यान में रखकर किया गया है। वर्तमान में सिंगनल्लूर दक्षिण-बाउंड सेवाओं को संभालता है, लेकिन वेल्लालुर के चालू होने के बाद इन सेवाओं को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना कोयंबटूर के परिवहन बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में चुनौतियां हैं। यदि यह सफल होता है, तो यह शहर के मुख्य बस स्टैंडों पर दबाव कम करेगा, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी इसे एक बड़ी समस्या भी बना सकती है।

परिवहन बुनियादी ढांचे का विस्तार केवल निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके आसपास के पारिस्थितिक और स्वास्थ्य प्रभावों का समाधान करना भी अनिवार्य है।

परियोजना के तहत टर्मिनल के पहले तल पर एक वाणिज्यिक परिसर भी बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद, राजमार्ग विभाग टर्मिनल तक पहुंचने वाली पहुंच सड़कों को चौड़ा करने का काम संभालेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वेल्लालुर एकीकृत बस स्टैंड परियोजना मूल रूप से पिछली AIADMK सरकार के दौरान ₹168 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ शुरू की गई थी। बाद में DMK शासन के दौरान इसे रोक दिया गया था और अब इसे वर्तमान सरकार के तहत संशोधित दायरे के साथ पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव है।

हालांकि, उपभोक्ता कार्यकर्ता के. कथिरमथियन ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि डंपयार्ड की निकटता के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरों और अपर्याप्त पहुंच सड़कों जैसी समस्याओं का समाधान किए बिना परियोजना को फिर से शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने DTCP और RTO से आवश्यक नियामक मंजूरी प्राप्त करने की भी मांग की है।

Did You Know?: कोयंबटूर को अक्सर 'दक्षिण भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है, जो इसके समृद्ध कपड़ा उद्योग के कारण प्रसिद्ध है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: वेल्लालुर बस स्टैंड की क्षमता क्या होगी?
उत्तर: शुरुआत में इसमें 64 बसों को समायोजित करने की सुविधा होगी, जिसे बाद में मांग के अनुसार बढ़ाया जा सकता है।

प्रश्न 2: इस परियोजना की अनुमानित लागत क्या है?
उत्तर: संशोधित योजना के अनुसार इस परियोजना की लागत ₹126 करोड़ है।