कज़ाखस्तान की नई एकसदनीय करुल्ताई में अदिलेत पार्टी ने 71% मतों से जीत दर्ज की, जिससे राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव का सत्ता पर पकड़ और भी सुदृढ़ हुआ। यह परिणाम आर्थिक चुनौतियों और मीडिया स्वतंत्रता पर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।

  • अदिलेत पार्टी ने 71% मतों से जीत हासिल की
  • नया एकसदनीय करुल्ताई टोकायेव की शक्ति को मजबूत करता है
  • आर्थिक दबाव और प्रेस स्वतंत्रता पर बढ़ती चिंताएँ

परिणाम का सारांश

कज़ाखस्तान के नए एकसदनीय संसद, करुल्ताई में प्रोज़-सरकारी अदिलेत पार्टी ने 71 प्रतिशत वोटों के साथ भारी जीत दर्ज की, जैसा कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रीलीमी परिणामों में बताया। यह जीत राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के सत्ता को और भी सुदृढ़ करती है।

अन्य पार्टियों का प्रदर्शन

ऑयल पार्टी ने 6.26 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। राष्ट्रीय सामाजिक लोकतांत्रिक पार्टी, रिस्पब्लिका और एक जल ने भी 5 प्रतिशत से अधिक प्राप्त कर संसद में प्रवेश किया। यूरोप के सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) के पर्यवेक्षकों ने कहा कि स्पष्ट विपक्ष की अनुपस्थिति ने चुनाव को प्रभावित किया, क्योंकि सभी पार्टियां राष्ट्रपति की नीतियों का समर्थन करती थीं।

संवैधानिक परिवर्तन और करुल्ताई का निर्माण

यह पहला चुनाव है जो मार्च 2024 में आयोजित जनमत संग्रह के बाद बना नया करुल्ताई के लिए हुआ, जहाँ 87 प्रतिशत मतदाताओं ने दो सदनों को मिलाकर एकसदनीय संसद बनाने के पक्ष में वोट किया। इन बदलावों ने राष्ट्रपति को प्रमुख पदों की नियुक्ति का अधिकार दिया, जिसे संसद की स्वीकृति आवश्यक है। हाल ही में कज़ाखस्तान की संवैधानिक अदालत ने यह निर्णय दिया कि इन संशोधनों से टोकायेव को 2029 में अपना वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने पर नया सात वर्षीय कार्यकाल मांगने का अधिकार मिल जाता है।

राष्ट्रपति टोकायेव की पृष्ठभूमि और विदेश नीति

73 वर्ष के टोकायेव, 2019 से राष्ट्रपति पद पर हैं। पूर्व सोवियत अधिकारी और कज़ाख कूटनीतिज्ञ के रूप में, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भी कार्य किया है। रूसी-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच उन्होंने मॉस्को और पश्चिम के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया है। टोकायेव ने इन संवैधानिक बदलावों को तेज़ निर्णय‑लेने की आवश्यकता के रूप में प्रस्तुत किया है।

आर्थिक माहौल और सामाजिक असंतोष

कज़ाखस्तान वर्तमान में आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है; फरवरी में मुद्रास्फीति 10.2 प्रतिशत तक पहुँच गई और कर बढ़ोतरी ने जन असंतोष को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक दबाव ने सरकार को जनवरी 2022 के जलते पेट्रोल के विरोध प्रदर्शन की पुनरावृत्ति से बचाने के लिए सतर्क बना दिया है, जिसमें कई मृत्युओं की घटनाएँ हुई थीं।

मीडिया स्वतंत्रता पर बढ़ती चिंता

चुनाव के दौरान प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई पत्रकारों को घर में बंदी बना कर आपराधिक मामलों में फँसाया गया है, और स्वतंत्र पत्रकारों एवं लोकप्रिय ब्लॉगर्स के खिलाफ लगभग दस आपराधिक मामलों की दायरियां दर्ज हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों ने टोकायेव से इन मामलों को समाप्त करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

Historical Background

1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद कज़ाखस्तान ने बहुदलीय लोकतंत्र अपनाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन 1990 के दशक के अंत में सत्ता का केंद्रीकरण हुआ। 2019 में टोकायेव ने राजनैतिक परिवर्तन की शुरुआत की, जिससे 2022 में व्यापक विरोध प्रदर्शनों को दबाना पड़ा। इस इतिहास ने आज के संवैधानिक बदलावों और सत्ता के केंद्रीकरण को समझने में मदद की।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the overwhelming victory of the Adilet Party not only consolidates President Tokayev’s grip on power but also signals a shift towards more centralized governance in Central Asia, potentially influencing regional alliances and foreign investment flows.

"कज़ाखस्तान का यह चुनाव राष्ट्रपति टोकायेव को दीर्घकालिक सत्ता की अनुमति देता है, जिससे लोकतांत्रिक संतुलन पर प्रश्न उठते हैं," कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक अलीशा बेकमेटोवा।
Did You Know?: करुल्ताई शब्द कज़ाख परम्परागत जनसभा से आया है, जिसका अर्थ है "संसदीय सभा"।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या टोकायेव अगले चुनाव में फिर से राष्ट्रपति बन सकते हैं?

उत्तर: हालिया संवैधानिक अदालत के फैसले के बाद, टोकायेव 2029 के बाद एक नया सात वर्षीय कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ सकते हैं।

प्रश्न 2: नई करुल्ताई में विपक्षी दलों की भूमिका क्या होगी?

उत्तर: विपक्षी दलों ने 5% थ्रेसहोल्ड पार कर सीटें हासिल की हैं, परन्तु सभी प्रमुख पार्टियों ने राष्ट्रपति की नीतियों का समर्थन किया है, जिससे उनकी प्रभावशीलता सीमित रह सकती है।