केंद्र सरकार के ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ प्रस्ताव को चिदंबरम ने असंवैधानिक घोषित किया। उन्होंने JPC के सामने कहा कि उनका जमीर इस बिल का समर्थन नहीं करता।
- चिदंबरम ने वन‑नेशन‑वन‑इलेक्शन को असंवैधानिक कहा
- जमीर के समर्थन की गवाही नहीं देते
- संसदीय सुधार पर राजनीतिक बहस तेज
केंद्रीय सरकार द्वारा प्रस्तावित वन नेशन वन इलेक्शन (एक राष्ट्र‑एक चुनाव) बिल को भारत के वरिष्ठ राजनेता चिदंबरम ने असंवैधानिक ठहराया। उन्होंने संसद में गठित संयुक्त संसद समिति (JPC) के सामने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका व्यक्तिगत जमीर इस विधेयक का समर्थन नहीं कर सकता।
चिदंबरम ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय सभा में सुनवाई के दौरान की, जहाँ उन्होंने संविधान में मौलिक परिवर्तन की आवश्यकता पर सवाल उठाए। उनका तर्क था कि अलग‑अलग राज्यीय चुनाव चक्रों को एक साथ लाना मौजूदा संविधानिक ढाँचे के विरुद्ध है और इससे संघीय संतुलन बिगड़ सकता है।
इस बयान के बाद कई विपक्षी दलों ने भी इस पहल की वैधता पर सवाल उठाए। कांग्रेस, राष्ट्रीय तृणमूल कांग्रेस और कई राज्य स्तर के नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि चुनाव प्रक्रिया को मौजूदा अनुच्छेदों के अनुसार ही चलाना चाहिए, न कि एक ही दिन सभी स्तरों पर।
विपक्ष ने यह भी कहा कि एक ही दिन सभी चुनाव कराने से लाखों करोड़ रुपये की बर्बादी होगी, जबकि विभिन्न राज्यों की आर्थिक और सामाजिक स्थितियों को देखते हुए यह असंगत है। हरिद्वार में आयोजित संत समागम में शिवराज सिंह चौहान ने भी इस योजना के विरोध में आवाज़ उठाई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that a forced synchronization of elections could reshape party strategies, alter federal‑state power dynamics, and set a precedent for future constitutional amendments across the subcontinent.
"एक राष्ट्र‑एक चुनाव का प्रस्ताव भारतीय लोकतंत्र की बुनियादी संरचना को चुनौती देता है," राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अंजना सिंह ने कहा।
Frequently Asked Questions
Q: वन‑नेशन‑वन‑इलेक्शन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A: इसे चुनावी लागत घटाने, प्रशासनिक बोझ कम करने और निरंतर शासन सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित किया गया है।
Q: इस बिल को असंवैधानिक कहने के पीछे कानूनी तर्क क्या हैं?
A: आलोचक तर्क देते हैं कि संविधान में राज्य‑स्तर के चुनावों की स्वतंत्रता का प्रावधान है, जिसे एक ही दिन पर लाना अनुच्छेद 83‑2 के विरुद्ध है।