कोयंबटूर निगम ने 22 अगस्त को 700 आवारा कुत्तों को टीका लगाते हुए एंटी‑रेबिज़ अभियान को तीव्र किया। शहर के पश्चिम और पूर्वी ज़ोन में विशेष कैंप चलाए गए, जिससे 2030 तक रेबीज‑मुक्त कोयंबटूर का लक्ष्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
- 22 अगस्त को 700 कुत्तों को वैक्सीन दिया गया
- कुल 1,11,074 आवारा कुत्तों में से 8,000 से अधिक को इस महीने टीका मिला
- ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण के तहत एबीसी और जागरूकता कार्यक्रम भी चल रहे हैं
अभियान का विस्तृत विवरण
कोयंबटूर निगम ने 22 अगस्त को पश्चिमी ज़ोन के वार्ड 36, 37, 38 तथा पूर्वी ज़ोन के वार्ड 8 और 54 में विशेष एंटी‑रेबिज़ वैक्सीनेशन कैंप आयोजित किया। इस अभियान के तहत 700 आवारा कुत्तों को तत्काल टीका लगाया गया, जिससे रेबीज‑रहित शहर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा।
शहर में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या
निगम ने अनुमान लगाया है कि कोयंबटूर नगर निगम क्षेत्र में कुल 1,11,074 आवारा कुत्ते हैं। इस महीने अब तक 8,000 से अधिक कुत्तों को टीका दिया जा चुका है, जो पूरे लक्ष्य की ओर तेज़ प्रगति दर्शाता है।
‘वन हेल्थ’ एकीकृत दृष्टिकोण
टीकाकरण के साथ ही निगम ने एनीमल बर्थ कंट्रोल (ABC) उपायों को लागू किया है और सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यह समग्र ‘वन हेल्थ’ मॉडल मानव, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that controlling rabies in urban India not only saves lives but also reduces economic burdens on municipal health services. यदि इस प्रकार के बड़े‑पैमाने के कार्यक्रम निरंतर चलेंगे तो 2030 तक कोयंबटूर भारत के पहले रेबीज‑मुक्त बड़े शहरों में से एक बन सकता है।
"रेबीज नियंत्रण में निरंतर वैक्सीनेशन और एबीसी दोनों की आवश्यकता है, नहीं तो रोग फिर से उभर सकता है," डॉ. अजय सिंह, पशु रोग विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या टीकाकरण मुफ्त है?
उत्तर: हाँ, सभी आवारा कुत्तों का टीकाकरण नगर निगम के द्वारा पूरी तरह से मुफ्त किया जाता है।
प्रश्न 2: क्या यह अभियान केवल कुत्तों तक सीमित है?
उत्तर: वर्तमान में प्राथमिक फोकस आवारा कुत्ते हैं, लेकिन भविष्य में अन्य जंगली पशुओं को भी शामिल किया जा सकता है।