रिस्पॉन्सिबल फिनटेक इंस्टीट्यूट और सेफहेरोन ने कई क्षेत्रों में बैंकों और नियामकों को शामिल कर पोस्ट‑क्वांटम क्रिप्टोग्राफी का पायलट शुरू किया है। यह पहल डिजिटल एसेट लेन‑देन को क्वांटम‑रिज़िस्टेंट बनाकर वित्तीय बुनियादी ढाँचा सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखती है।

  • पायलट में पोस्ट‑क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) का वास्तविक‑विश्व परीक्षण शामिल है।
  • बैंक्स, नियामक और तकनीकी साझेदार एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर सहयोग करेंगे।
  • परिणामों को ओपन‑सोर्स किया जाएगा, जिससे उद्योग‑व्यापी मानक स्थापित हो सकेगा।

सिंगापुर में 24 अगस्त 2026 को रिस्पॉन्सिबल फिनटेक इंस्टीट्यूट (RFI) और सेफहेरोन ने एक अंतर‑क्षेत्रीय पायलट शुरू किया, जिसमें कई न्यायक्षेत्रों के प्रमुख बैंकों और नियामक संस्थाओं ने भाग लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल एसेट ट्रांसफ़र के लिए क्वांटम‑सुरक्षित बुनियादी ढाँचा विकसित करना और परीक्षण करना है।

पायलट में मल्टी‑पार्टी कंप्यूटेशन (MPC) प्रोटोकॉल के साथ NIST के FIPS‑204 मानक के अनुसार ML‑DSA‑65 डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग किया जाएगा। प्रतिभागी संस्थाएँ क्वांटम‑रिज़िस्टेंट NEAR टेस्टनेट पर वॉलेट जनरेशन और ऑन‑चेन ट्रांसफ़र गतिविधियों का परीक्षण करेंगे।

इस परियोजना के प्रमुख वक्ता चिया हॉक्स लाइ, RFI के चेयरमैन ने कहा, “कोई एक बैंक या नियामक अकेले इस चुनौती को नहीं सुलझा सकता। सभी हितधारकों को एक साथ लाकर हम एक ऐसा मानक बना रहे हैं, जिस पर पूरी उद्योग भरोसा कर सके।”

सेफहेरोन के चिफ़ सिक्योरिटी एवं पॉलिसी ऑफिसर जग फू ने जोड़ा, “AI के तेज़ विकास के साथ क्वांटम खतरा वास्तविकता के करीब आता जा रहा है। क्वांटम‑रेडी इन्फ्रास्ट्रक्चर अब अनिवार्य है, और हमें अभी कदम उठाने चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि उनका कोड ओपन‑सोर्स किया जाएगा, जिससे स्वतंत्र जाँच संभव हो सके।

बैंकों और नियामकों की सहभागिता को देखते हुए, बिसॉन बैंक के सीईओ एंटोनियो हेन्क्विस ने कहा, “भविष्य की साइबर सुरक्षा चुनौतियों के लिए सहयोगी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हम इस चर्चा का समर्थन करते हैं और उद्योग को क्वांटम‑सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहते हैं।”

माल्टा फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (MFSA) के एलेन डेसिलिस ने बताया, “क्वांटम कंप्यूटिंग के संभावित प्रभाव के लिए प्रारंभिक सहभागिता आवश्यक है। इस पायलट से हमें नियामक दृष्टिकोण से मूल्यवान अंतर्दृष्टि मिलेगी।”

Historical Background

क्वांटम कंप्यूटिंग की तेज़ प्रगति ने वित्तीय संस्थानों में उपयोग होने वाली सार्वजनिक‑की क्रिप्टोग्राफी को जोखिम में डाल दिया है। 2025 में बैंक फॉर इंटरनेशनल सेट्लमेंट्स (BIS) ने एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें वित्तीय प्रणाली की क्वांटम‑तैयारी के लिए सामूहिक नियोजन, क्रिप्टोग्राफिक लचीलापन और चरणबद्ध माइग्रेशन की आवश्यकता बताई गई। इस पृष्ठभूमि में, सिंगापुर की मॉनेटरी अथॉरिटी (MAS) और एसोसिएशन ऑफ बैंक्स इन सिंगापुर (ABS) ने AI‑ड्रिवेन साइबर‑रिस्क टास्कफोर्स (ACT) की घोषणा की, जो AI और क्वांटम‑उत्पन्न जोखिमों के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को सुदृढ़ करता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि क्वांटम‑सुरक्षित वित्तीय बुनियादी ढाँचा न केवल तकनीकी आवश्यकता है, बल्कि नियामक अनुपालन और अंतर‑राष्ट्रीय लेन‑देन की निरंतरता के लिए भी आवश्यक है। यह पायलट विभिन्न न्यायक्षेत्रों के बीच मानकीकृत प्रोटोकॉल स्थापित कर भविष्य की साइबर‑धमकियों के खिलाफ एक मजबूत रक्षा तंत्र बना सकता है।

"क्वांटम‑रेडी इन्फ्रास्ट्रक्चर अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि नियामक अनिवार्यता बन चुका है," कहते हैं डॉ. लीना पटेल, क्रिप्टोग्राफी प्रोफेसर।
Did You Know?: पहले क्वांटम कंप्यूटर केवल कुछ क्विबिट्स के साथ प्रयोगात्मक चरण में थे, लेकिन 2026 में कई कंपनियों ने 100‑से‑अधिक क्विबिट्स वाले प्रोसेसर विकसित कर दिखाए हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस पायलट में कौन‑कौन सी तकनीकी मानक उपयोग किए जा रहे हैं?

उत्तर: यह पायलट NIST के FIPS‑204 मानक के अनुसार ML‑DSA‑65 डिजिटल सिग्नेचर और मल्टी‑पार्टी कंप्यूटेशन (MPC) प्रोटोकॉल पर आधारित है।

प्रश्न 2: पायलट के परिणाम कब सार्वजनिक किए जाएंगे?

उत्तर: प्रारंभिक परीक्षण परिणामों को 2027 के प्रथम तिमाही में ओपन‑सोर्स किया जाएगा, जिससे वैश्विक वित्तीय समुदाय इसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सके।