सीपीआई(एम) ने थुथुकेड़ी के एरल तहसील में 16 गांवों को अस्पष्ट नदी जल सीधे आपूर्ति करने की शिकायत दर्ज की। दो साल पहले ट्रीटमेंट मोटर टूटने के कारण ग्रामीणों को रोगजनक जल मिल रहा है।
- वाज़हवल्लन ओवरहेड टैंक की ट्रीटमेंट मोटर दो साल से बंद है
- तमीरभरणी नदी का कच्चा जल 16 गांवों में सीधे आपूर्ति हो रहा है
- स्थानीय लोगों में जलजनित रोगों की बढ़ती शिकायतें
थुथुकेड़ी कलेक्टरटे में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक शिकायत निवारण बैठक में सीपीआई(एम) के एरल तालुका प्रतिनिधियों ने 16 गांवों को अपशुद्ध जल आपूर्ति की समस्या को उजागर किया। यह शिकायत मुक्कनी गांव के निवासियों और सीपीआई(एम) के वरिष्ठ कार्यकर्ता एस. नाम्बिराजन द्वारा प्रस्तुत की गई।
शिकायत में कहा गया कि तमीरभरणी नदी का कच्चा जल वाज़हवल्लन ओवरहेड टैंक में सीधे पहुँचाया जा रहा है, जहाँ से यह जल वाज़हवल्लन, मुक्कनी, उमारिकडु, लक्ष्मीपुरम, कोरकाई, अथिसायापुरम और कोट्टाराकुर्ची सहित 16 गांवों में वितरित हो रहा है। दो साल पहले टैंक में जल शुद्धिकरण के लिये उपयोग की जाने वाली मोटर अचानक खराब हो गई और तब से कोई वैकल्पिक उपाय नहीं किया गया।
वज़हवल्लन तालुका के इस टैंक से बिना शुद्धिकरण का जल सीधे घरों में पहुँचाने से जल की धुंधलापन और गंदगी की शिकायतें बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीणों में पेट, आँत और त्वचा संबंधी रोगों में वृद्धि देखी जा रही है। विशेषकर गर्मियों के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है।
एस. नाम्बिराजन ने कहा, “गांव वाले लगातार जलजनित बीमारियों से जूझ रहे हैं, कई परिवारों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। यह स्थिति असहनीय है और तुरंत समाधान आवश्यक है।” उन्होंने कलेक्टर महाजन से अपील की कि जल शुद्धिकरण की व्यवस्था तत्काल की जाए।
थुथुकेड़ी जिला कलेक्टर विषु महाजन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जल आपूर्ति की समस्या का समाधान करने के लिये संबंधित विभागों को आदेश देंगे और आवश्यक मरम्मत व वैकल्पिक शुद्धिकरण उपाय जल्द से जल्द लागू किए जाएंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
थुथुकेड़ी जिले में पिछले दस वर्षों में जल आपूर्ति की कई बार समस्याएँ सामने आई हैं। 2015 में भी समान शिकायतें दर्ज हुई थीं, जब एरल तालुका में कई गांवों को पुरानी पाइपलाइन के कारण ट्यूबर्ड जल मिल रहा था। तब भी स्थानीय समूहों ने सुधार की मांग की थी, लेकिन समाधान में काफी देरी हुई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that chronic exposure to untreated river water not only poses immediate health risks but also hampers socioeconomic development in rural Tamil Nadu, increasing healthcare costs and reducing agricultural productivity.
"जल शुद्धिकरण उपकरणों की नियमित देखभाल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा बल्कि ग्रामीण विकास के लिए भी आवश्यक है," डॉ. रमेश कुमार, जल विज्ञान विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या कलेक्टर ने इस समस्या के समाधान के लिये कोई समय सीमा निर्धारित की है?
उत्तर: कलेक्टर ने कहा है कि मोटर की मरम्मत और वैकल्पिक शुद्धिकरण प्रणाली स्थापित करने के लिये दो हफ्ते में कार्यवाही शुरू की जाएगी।
प्रश्न 2: इस जल संकट से प्रभावित गाँवों में कौन‑कौन से रोग आम हैं?
उत्तर: दस्त, टाइफ़ाइड, हेपेटाइटिस ए और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियाँ प्रमुख रूप से रिपोर्ट की गई हैं।