इंडिया टुडे के फैक्ट‑चेक ने पुष्टि की कि जावदपुर विश्वविद्यालय में आज वायरल हो रहा वीडियो 2014 की ‘Kiss of Love’ आंदोलन से है, न कि हालिया विरोधों से। यह तथ्य‑जांच झूठी अफवाहों को रोकने में मदद करती है।

  • वीडियो 2014 का है, वर्तमान जावदपुर विरोधों से असंबंधित
  • ‘Kiss of Love’ आंदोलन का मूल कारण नैतिक पुलिसिंग के खिलाफ था
  • फैक्ट‑चेक ने YouTube और पुरातन समाचार स्रोतों से पुष्टि की

ऑगस्ट 2026 में जावदपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और लेफ्ट छात्र संघ के बीच हुई टकराव के बाद एक वीडियो सामाजिक मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें छात्रों को सार्वजनिक रूप से चुंबन लेते दिखाया गया। कई उपयोगकर्ताओं ने इसे वर्तमान विरोधों से जोड़ दिया।

इंडिया टुडे फैक्ट‑चेक टीम ने वीडियो के फ्रेम को रिवर्स‑सर्च किया और पाया कि यह 5 नवंबर 2014 को ज़ी न्यूज बांग्ला के यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित हुआ था। उस समय का शीर्षक था "Kiss Protest" और यह कोच्चि में शुरू हुए ‘Kiss of Love’ आंदोलन का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य पार्टी के युवा शाखा द्वारा लागू नैतिक पुलिसिंग के खिलाफ विरोध था।

‘Kiss of Love’ आंदोलन 2 नवंबर 2014 को कोच्चि के मरीन ड्राइव से शुरू हुआ और जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बन गया। कोलकाता के जावदपुर विश्वविद्यालय सहित कई शैक्षणिक संस्थानों में इस आंदोलन को अपनाया गया, जहाँ छात्रों ने सार्वजनिक रूप से गले लगना और चुंबन देना जारी किया।

टाइम्स ऑफ इंडिया और द इंडियन एक्सप्रेस ने 2014 में इस आंदोलन के विभिन्न घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग की, जिसमें कोलकाता के प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय और कॉलेज स्ट्रीट के भारतीय कॉफ़ी हाउस में भी समान प्रदर्शन हुए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि गलत सूचना का तेज़ प्रसार सामाजिक तनाव को बढ़ा सकता है, इसलिए सटीक फैक्ट‑चेकिंग लोकतांत्रिक संवाद के लिए अत्यंत आवश्यक है।

"वायरल वीडियो का गलत संदर्भ देना सार्वजनिक विभाजन को और गहरा कर सकता है," कहा मीडिया विशेषज्ञ अंजलि सिंह।
Did You Know?: 2014 का ‘Kiss of Love’ आंदोलन को लेकर भारत भर में 10,000 से अधिक छात्र भाग ले चुके थे।

Frequently Asked Questions

क्या यह वीडियो वर्तमान जावदपुर विश्वविद्यालय के संघर्षों से जुड़ा है?
नहीं, यह वीडियो 2014 के आंदोलन से है और वर्तमान घटनाओं से कोई संबंध नहीं रखता।

‘Kiss of Love’ आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
यह आंदोलन नैतिक पुलिसिंग के खिलाफ प्रेम और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में सार्वजनिक स्नेह को प्रदर्शित करने के लिए शुरू किया गया था।