अमरावती, महाराष्ट्र में एक सरकारी अस्पताल के नवजात शिशु यूनिट (NICU) में हुई आग में तीन शिशु मार गए और 36 अन्य को बचाया गया। आग का कारण वेंटिलेटर विस्फोट माना जा रहा है।

  • अमरावती के सरकारी अस्पताल के NICU में आग लगी
  • तीन नवजात शिशु मारे गए, 36 बचाए गए
  • आग का प्राथमिक कारण वेंटिलेटर विस्फोट बताया गया

महाराष्ट्र के अमरावती में स्थित सरकारी अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई (NICU) में रात 12 बजे के बाद एक तीव्र आग लग गई, जिससे तीन शिशु अपनी जान गंवा बैठे और 36 अन्य शिशुओं को बचाने के लिए तेज़ी से कार्रवाई करनी पड़ी। स्थानीय आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत जगह पहुँचा कर आग को बुझाने और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया।

आग की शुरुआत का शुरुआती सर्वेक्षण बताता है कि एक वेंटिलेटर में तकनीकी खराबी के कारण विस्फोट हुआ, जिससे निकटवर्ती उपकरणों में आग लग गई। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी वेंटिलेटर और सपोर्ट सिस्टम की नियमित जांच नहीं की गई थी, जिससे इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का जोखिम बढ़ गया।

आग के दौरान, अस्पताल के स्टाफ ने तुरंत शिशुओं को आपातकालीन बेबी इन्फैंट इमरजेंसी ट्रांसपोर्ट (BET) उपकरणों का उपयोग करके निकाला। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि बचाए गए 36 शिशुओं को तुरंत निकटतम बड़े अस्पताल में रेफर किया गया, जहाँ उन्हें आवश्यक देखभाल मिल रही है।

राज्य सरकार ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस मामले की पूरी जाँच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "ऐसी त्रुटियाँ न हो, इसके लिए हम सभी स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा मानकों को कड़ा करेंगे।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के रूप में, महाराष्ट्र में पिछले पाँच वर्षों में कई अस्पतालों में उपकरणों की खराबी के कारण छोटे-मोटे हादसे हुए हैं, लेकिन इस तरह की बड़ी हानि दुर्लभ रही है। यह घटना स्वास्थ्य सुरक्षा के मौजूदा ढाँचे में गंभीर खामियों को उजागर करती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that neonatal care units, being high‑tech environments, require stringent safety protocols. A lapse not only endangers the most vulnerable patients but also erodes public trust in public health infrastructure.

"NICU में उपकरणों की नियमित जाँच और रख‑रखाव को अनिवार्य बनाना चाहिए, अन्यथा ऐसी त्रासदियाँ दोहराई जा सकती हैं," कहा प्रमुख बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने।
Did You Know?: भारत में NICU की औसत बेड क्षमता केवल 15% अस्पतालों में ही उपलब्ध है, जिससे हर छोटी‑सी दुर्घटना का प्रभाव बहुत बड़ा होता है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या इस घटना की जांच में कोई दोषी ठहराया गया है?
A1: अभी जांच जारी है, लेकिन प्रारम्भिक रिपोर्ट में वेंटिलेटर की तकनीकी त्रुटि को प्रमुख कारण बताया गया है।

Q2: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
A2: राज्य सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में उपकरणों की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है।